डीएम हर्षिता माथुर की सख्ती, जिला पोषण समिति की बैठक में डीपीओ का वेतन रोका, संचारी रोग अभियान की तैयारियों पर जोर।
रायबरेली, : जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में बचत भवन, कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति और संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियों को लेकर दो महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित हुईं। पोषण समिति की बैठक में प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) विनय सिंह और खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को कड़ी फटकार लगाई, साथ ही डीपीओ का वेतन रोकने का निर्देश दिया। वहीं, संचारी रोग नियंत्रण अभियान की बैठक में 1 से 31 जुलाई तक चलने वाले अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
जिला पोषण समिति की बैठक: प्रगति पर डीएम की नाराजगी
जिला पोषण समिति की बैठक में डीएम ने 18 मानकों पर समीक्षा की, जिसमें कायाकल्प चयनित आंगनवाड़ी केंद्रों, कार्यालय-सह-गोदाम निर्माण, बाल मैत्री शौचालय, भवनों की मरम्मत, पोषण वाटिका, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, वॉल पेंटिंग, पेयजल व्यवस्था, पोषण ट्रैकर फीडिंग, एनआरसी में बच्चों का संदर्भन, और सैम (गंभीर कुपोषित) बच्चों के लिए पोषण आहार की उपलब्धता शामिल थी। प्रगति संतोषजनक न होने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए डीपीओ विनय सिंह का वेतन रोकने का आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्य में सुधार नहीं हुआ तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) को निर्देश दिए कि प्रत्येक माह पोषण ट्रैकर ऐप पर शत-प्रतिशत बच्चों का वजन और लंबाई दर्ज हो, और सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों को नियमानुसार पोषाहार मिले। उन्होंने माइक्रो प्लान बनाकर कार्य करने और सीडीपीओ व बीडीओ से संयुक्त रिपोर्ट मांगी कि कार्य समय पर क्यों पूर्ण नहीं हुए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अर्पित उपाध्याय, मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. नवीन चंद्रा, जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार, डीपीओ विनय सिंह, सभी बीडीओ, और सीडीपीओ मौजूद रहे।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान: 1 जुलाई से शुरू होगी मुहिम
संचारी रोग नियंत्रण अभियान की बैठक में डीएम ने 1 से 31 जुलाई तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 11 से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। डीएमओ रमेशचंद्र यादव ने बताया कि अभियान के तहत वेक्टर जनित रोगों (जैसे डेंगू, मलेरिया, जापानी इंसेफलाइटिस) और अन्य संचारी रोगों से बचाव के लिए जागरूकता और नियंत्रण के उपाय किए जाएंगे। डीएम ने स्वास्थ्य, पशुपालन, पंचायती राज, और शिक्षा विभागों को विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जन जागरूकता के लिए पंपलेट, पोस्टर, बैनर, और माइक के जरिए प्रचार-प्रसार किया जाए। ग्रामीण स्तर पर आशा, एएनएम, और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के उपाय बताएं। डीएम ने अन्य विभागों से भी सहयोग लेने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक में सीडीओ अर्पित उपाध्याय, सीएमओ डॉ. नवीन चंद्रा, डीएस अस्थाना, और सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रभाव और अपेक्षाएं
डीएम हर्षिता माथुर की सख्ती से दोनों अभियानों में तेजी आने की उम्मीद है। पोषण समिति की बैठक में लापरवाही पर कार्रवाई से अधिकारियों में जवाबदेही बढ़ेगी, वहीं संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियां जिले में स्वास्थ्य जागरूकता को मजबूत करेंगी। स्थानीय लोग इन कदमों का स्वागत कर रहे हैं, लेकिन मांग कर रहे हैं कि धरातल पर भी कार्य दिखाई दे।















