बीएलओ नियुक्ति में नया नियम: उसी बूथ का मतदाता होगा बीएलओ, प्रति बूथ 1200 मतदाता
गोरखपुर: चुनाव आयोग के नए निर्देशों के तहत अब बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) उसी मतदेय स्थल का मतदाता होगा, जहां उसकी तैनाती होगी। साथ ही, प्रत्येक बूथ पर मतदाताओं की संख्या को 1500 से घटाकर 1200 कर दिया गया है। इस क्रम में शनिवार को जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय में सभी एसडीएम और तहसीलदारों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें इन निर्देशों के कड़ाई से पालन का आदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि समूह-ग या उससे ऊपर के स्थायी राज्य/स्थानीय सरकारी कर्मचारी, जो उस मतदेय स्थल के मतदाता हैं, बीएलओ के रूप में यथावत रहेंगे और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। यदि किसी बूथ पर समूह-ग या उच्च श्रेणी का कर्मचारी उपलब्ध न हो, तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, संविदा शिक्षक, शिक्षा मित्र, या केंद्र सरकार के कर्मचारी, जो उस बूथ के निवासी हों, बीएलओ बनाए जा सकते हैं। ऐसे मामलों में ईआरओ और डीईओ के हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण-पत्र अनुलग्नक-1 के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजा जाएगा।
यदि उपरोक्त श्रेणियों का कोई कर्मचारी उस बूथ का मतदाता न हो, लेकिन वहां कार्यरत हो (जैसे सहायक अध्यापक, लेखपाल, पंचायत सचिव, नलकूप चालक), तो मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुमोदन से उन्हें बीएलओ नियुक्त किया जा सकता है। अन्य मामलों में, जो इन श्रेणियों में नहीं आते, उनका अनुमोदन भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। सभी एसडीएम और तहसीलदारों को इस प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बदलाव से मतदाता सूची की सटीकता और मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ेगी। प्रत्येक बूथ पर मतदाताओं की संख्या कम होने से मतदान केंद्रों पर भीड़भाड़ कम होगी और प्रक्रिया अधिक सुगम होगी।
बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीत कुमार सिंह, एसडीएम सदर रोहित कुमार मौर्या, कैंपियरगंज सिद्धार्थ पाठक, खजनी राजू प्रताप सिंह, गोला अमित जायसवाल, बांसगांव प्रदीप सिंह, चौरी चौरा कुंवर सचिन सिंह, सहजनवा दीपक कुमार गुप्ता, अपर एसडीएम प्रशांत वर्मा, तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, खजनी ध्रुवेश कुमार सिंह, बांसगांव बृजमोहन शुक्ला, चौरी चौरा निशा श्रीवास्तव, गोला कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, सहजनवां राकेश कनौजिया, कैंपियरगंज नरेंद्र कुमार सहित अन्य चुनाव कार्य से जुड़े कर्मचारी मौजूद रहे।















