गोरखपुर पुलिस की मुस्तैदी: रेलवे ट्रैक पर युवक की आत्महत्या रोकी, जान बचाई।
गोरखपुर: गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र में पिपरौली चौकी पुलिस ने एक संवेदनशील कार्रवाई कर संतकबीरनगर के खलीलाबाद, सादिकगंज निवासी मनीष उपाध्याय की जान बचा ली। मनीष गांहासाड़ रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या के इरादे से लेटा था, तभी गस्त पर तैनात चौकी प्रभारी संतोष सिंह ने अपनी टीम के साथ त्वरित कार्रवाई कर उसे सकुशल बचा लिया। टीम में विकास कुमार, मिथलेश, शिवम वर्मा, भानु मौर्य, और पंकज कुमार शामिल थे। मनीष को उसके परिजनों को सौंप दिया गया, जिन्होंने पुलिस की इस मानवीय पहल की जमकर सराहना की।
स्थानीय लोगों ने इस कार्य को गोरखपुर पुलिस की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बताया। गीडा पुलिस पहले भी कई बार जरूरतमंदों की मदद और अपराध नियंत्रण में सराहनीय कार्य कर चुकी है। इस घटना ने पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया को उजागर किया। प्रभारी संतोष सिंह ने बताया कि समय पर सूचना और तेज कार्रवाई से एक अनमोल जीवन बचाया जा सका। उन्होंने परिजनों को मनीष की मानसिक स्थिति पर ध्यान देने और उसे आवश्यक सहायता देने की सलाह दी। यह घटना समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की जरूरत को भी रेखांकित करती है।
एसएसपी राजकरन नैय्यर के रात्रि गश्त के आदेश इस घटना में कारगर साबित हुए। इस पहल से न केवल छोटी-बड़ी घटनाओं में कमी आई है, बल्कि लोगों को बड़ी मदद भी मिल रही है। गोरखपुर पुलिस की यह सक्रियता उनकी कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने का एक ठोस प्रयास है। रात्रि गश्त ने पुलिस की मौजूदगी को मजबूत किया है, जिससे अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनता में विश्वास भी बढ़ा है। इस तरह की घटनाएं पुलिस और समाज के बीच एक सकारात्मक सेतु का काम करती हैं, जहां पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था की रक्षा करती है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी प्राथमिकता देती है।
मनीष के परिजनों ने पुलिस को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी सजगता के कारण एक परिवार टूटने से बच गया। यह कदम न केवल मनीष के जीवन को बचाने में सफल रहा, बल्कि पुलिस की छवि को भी नई ऊंचाई दी















