यूपी पुलिस में बड़ा फेरबदल: नई तैनाती के साथ अफसर फील्ड में।

यूपी पुलिस में बड़ा फेरबदल: नई तैनाती के साथ अफसर फील्ड में।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस में प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव के तहत कई पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) की नई तैनाती की गई है। अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) प्रशांत कुमार-II ने 23 मई 2025 को आदेश जारी कर अधिकारियों को तत्काल कार्यमुक्त करने और नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए। 

प्रमुख नई तैनातियां

सोहराब आलम: सहायक सेनानायक, 37वीं वाहिनी पीएसी, कानपुर नगर से पुलिस उपाधीक्षक, गोंडा।  

सौरभ कुमार वर्मा: पुलिस उपाधीक्षक, देवरिया से पुलिस उपाधीक्षक, पीटीएस, सुलतानपुर।  

आदित्य कुमार गौतम: पुलिस उपाधीक्षक, रेलवे झांसी से पुलिस उपाधीक्षक, कानपुर देहात।  

कर्ण सिंह यादव: सहायक सेनानायक, 32वीं वाहिनी पीएसी, लखनऊ से सहायक सेनानायक, 33वीं वाहिनी पीएसी, झांसी।  

अंबुजा संग्रहालय: पुलिस उपाधीक्षक, बांदा से पुलिस उपाधीक्षक, अभिसूचना मुख्यालय, लखनऊ।  

अंकित कुमार-II: पुलिस उपाधीक्षक, मुरादाबाद से पुलिस उपाधीक्षक, सीआईडी मुख्यालय, लखनऊ।  

गौरव कुमार त्रिमूर्ति: पुलिस उपाधीक्षक, गोरखपुर से पुलिस उपाधीक्षक, मुरादाबाद।  

अशोक कुमार सिंह-IV: मुख्यमंत्री सुरक्षा, लखनऊ से पुलिस उपाधीक्षक, मुरादाबाद।  

कमलेश कुमार: पुलिस उपाधीक्षक, कन्नौज से पुलिस उपाधीक्षक, अलीगढ़।  

अंकित कुमार-I: सुरक्षा मुख्यालय, लखनऊ से सहायक पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट लखनऊ।

तत्काल कार्यमुक्ति और कार्यभार ग्रहण

आदेश के मुताबिक, सभी पुलिस उपाधीक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त कर उनके नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को कार्यमुक्ति और कार्यभार ग्रहण की सूचना फैक्स या ई-मेल के जरिए तुरंत भेजने को कहा गया है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि नई तैनाती में कोई विलंब न हो, प्रशासन ने सख्ती बरतने का निर्देश दिया।

प्रशासनिक जवाबदेही और समन्वय

यह फेरबदल पुलिस व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नई तैनातियां कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, और प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ाने के लिए की गई हैं। अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे अपने नए दायित्वों को पूरी जवाबदेही के साथ निभाएंगे। 

प्रमुख अधिकारियों को सूचना

आदेश की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था, अभिसूचना, सुरक्षा, रेलवे, साइबर क्राइम, पीएसी), और पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों के प्रभारियों को भेजी गई है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी स्तरों पर समन्वय बना रहे और तैनाती प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो।

स्थानीय प्रभाव और अपेक्षाएं

इस फेरबदल से गोरखपुर, गोंडा, बांदा, मुरादाबाद, और अन्य जिलों में पुलिस प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है। स्थानीय लोग इसे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं। 

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