मिलावटखोरों पर शिकंजा: चौराहों पर चस्पेंगे पोस्टर, 55% नमूने फेल।
गोरखपुर। खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए योगी सरकार सख्त कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने बार-बार मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। ऐसे कारोबारियों के पोस्टर चौराहों पर चस्पा कर जनता को जागरूक करने की योजना है, ताकि मिलावटखोरों को हतोत्साहित किया जा सके। शासन ने सभी जनपदों से ऐसे लोगों की सूची मांगी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश दिए हैं। बार-बार मिलावट करने वालों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। शासन स्तर पर सूची तैयार की जा रही है, और निर्देशानुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने खुलासा किया कि वित्तीय वर्ष में 3100 दुकानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें 721 नमूने लिए गए। 666 नमूनों की रिपोर्ट में 55% फेल पाए गए। इनमें 38 मामले असुरक्षित थे, जबकि शेष अधोमानक या स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वाले थे। असुरक्षित नमूनों में बेसन, खोवा, घी, मसाले, हल्दी, मिर्च, चाय की पत्ती और प्रिपेयर्ड फूड जैसे बिरयानी शामिल हैं। दूध में पानी और चने की दाल में मटर की दाल की मिलावट भी पकड़ी गई।
डॉ. सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक फैक्ट्रियों पर विशेष नजर है। जनपद में 37 बड़ी और 132 छोटी इकाइयों की जांच में कई जगह प्रतिबंधित सैकरीन, गुलमोहर, और हेचरेक्स मेटल कलीनिर जैसे पदार्थ गैर-कानूनी रूप से इस्तेमाल होते पाए गए। ऐसे कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करना और भविष्य में लाइसेंस जारी न करना शामिल है।
विभाग ने अपर जिलाधिकारी और एसीजीएम कोर्ट में 38 असुरक्षित मामलों में वाद दायर किए हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान न केवल मिलावटखोरों को दंडित करेगा, बल्कि आम लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने में भी मदद करेगा।
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