फरियादियों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई।
गोरखपुर, नवागत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजकरन नैय्यर ने अपराध समीक्षा बैठक में सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस अधिकारियों को फरियादियों की सुनवाई में ढील बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। पुलिस लाइन के व्हाइट हाउस सभागार में देर रात तक चली इस बैठक में उन्होंने अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और जनता के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने पर जोर दिया।
एसएसपी ने सभी क्षेत्राधिकारियों (सीओ), थाना प्रभारियों और संभाग प्रभारियों से परिचय प्राप्त कर अब तक हुए अपराधों और उन पर की गई कार्रवाइयों की बिंदुवार जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण हो और अभियुक्तों की शत-प्रतिशत गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। मादक पदार्थों और अवैध शराब के कारोबार पर कठोर कार्रवाई के साथ-साथ महिला एवं बाल यौन अपराधों से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा और शीघ्र निस्तारण पर बल दिया।
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए एसएसपी ने ट्रैफिक अधिकारियों को अपने दायित्वों का कड़ाई से पालन करने को कहा, ताकि आम जनता को आवागमन में कोई असुविधा न हो। उन्होंने थानों के अभिलेखों को अद्यतन रखने, नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई फरियादी उनके कार्यालय में थाने पर सुनवाई न होने की शिकायत लेकर आया, तो संबंधित थाना प्रभारी के साथ-साथ क्षेत्र के सीओ भी जिम्मेदार होंगे।
बैठक में पुलिस अधीक्षक (नगर) अभिनव त्यागी, पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक) संजय कुमार, पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) जितेंद्र कुमार, सीओ कैंट योगेंद्र सिंह, सीओ कोतवाली ओंकार तिवारी, सीओ गोरखनाथ रवि प्रताप सिंह, सीओ चौरी चौरा अनुराग सिंह, सीओ बांसगांव दुर्वेश कुमार, सीओ कैंपियरगंज गौरव तिवारी, सीओ ऑफिस दीपांशी सिंह राठौर, सीओ गीडा रत्नेश्वर सिंह, सीओ खजनी, सीओ एलआईयू सहित सभी थाना प्रभारी और संभाग प्रभारी मौजूद रहे।
एसएसपी के इस सख्त रवैये से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। अब देखना होगा कि उनके निर्देशों का कितना असर जमीन पर दिखता है।















