एसडीएम कोर्ट का बड़ा फैसला, विवादित जमीन कुर्क।
गोरखपुर। ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी के न्यायालय ने पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल छत्रधारी में आराजी नंबर 936 की 2750 वर्ग फीट विवादित जमीन को कुर्क करने का आदेश दिया। नायब तहसीलदार पिपराइच प्रद्युम्न सिंह ने पिपराइच पुलिस और चौकी प्रभारी जंगल छत्रधारी विनय कुमार सिंह की मौजूदगी में जमीन को कुर्क कर सील कर दिया। यह कार्रवाई शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 145 के तहत की गई, जो क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
विवाद का केंद्र गुड़िया देवी और मोहम्मद हसनैन के बीच जमीन के कब्जे को लेकर चल रहा था। एसडीएम सदर के निर्देश पर तहसील और पिपराइच थाने ने मामले की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि आराजी नंबर 936 में तीन भाइयों—पंचम यादव उर्फ साधु, श्रीराम यादव, और जेजमन यादव—का बराबर हिस्सा था, प्रत्येक का 2750 वर्ग फीट। पंचम यादव ने 2 सितंबर 2011 को अपने हिस्से में से 654 वर्ग फीट मंदासी देवी, पत्नी कैलाश यादव, को सड़क किनारे रजिस्ट्री के माध्यम से बेच दिया था।
2021 में पंचम की मृत्यु के बाद उनके पुत्र बेचू यादव ने 27 सितंबर 2022 को अपने पिता के हिस्से में बची 2096 वर्ग फीट जमीन के साथ-साथ पहले बेची गई 654 वर्ग फीट जमीन को भी मिलाकर कुल 2750 वर्ग फीट मोहम्मद हसनैन उर्फ शिबू को रजिस्ट्री कर दिया। दूसरी ओर, मंदासी देवी की मृत्यु के बाद उनके पुत्रों शैलेंद्र और नागेंद्र ने 22 अक्टूबर को 654 वर्ग फीट जमीन गुड़िया और मीनू को रजिस्ट्री के माध्यम से हस्तांतरित कर दी। बेचू द्वारा पहले बेची गई 654 वर्ग फीट जमीन को दोबारा बेचने से विवाद उत्पन्न हुआ, जिसने क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया।
एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनी और तहसील-थाने की जांच रिपोर्ट का अध्ययन किया। 30 मार्च 2023 के नजरी नक्शे में एबीसीडी संकेत द्वारा दर्शाई गई 2750 वर्ग फीट विवादित जमीन को कुर्क करने का निर्णय लिया गया। न्यायालय ने पिपराइच थाने को सहनदार नियुक्त किया। आदेश के अनुपालन में नायब तहसीलदार प्रद्युम्न सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ जंगल छत्रधारी पहुंचकर विवादित जमीन को कुर्क किया। पुलिस की मौजूदगी में यह प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई।
यह कार्रवाई न केवल विवाद को सुलझाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी सहायक होगी। स्थानीय लोगों ने इस कदम की सराहना की है, क्योंकि इससे भविष्य में इस तरह के विवादों को रोकने में मदद मिलेगी।















