थाना समाधान दिवस: जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान, प्रशासन की प्रतिबद्धता।
रायबरेली
रायबरेली जनपद में जनता की समस्याओं को सुनने और उनका त्वरित समाधान करने के लिए “थाना समाधान दिवस” का आयोजन कोतवाली लालगंज में किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी हर्षिता माथुर और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया। थाना समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों को गंभीरता से सुनना और उनके गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण को सुनिश्चित करना था। इस दौरान विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुँचे लोगों की शिकायतें दर्ज की गईं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य जनता की हर छोटी-बड़ी समस्या का समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। पुलिस अधीक्षक ने भी इस अवसर पर कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने थाना स्तर पर शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।
इस समाधान दिवस में भूमि विवाद, पारिवारिक झगड़े, पानी-बिजली की समस्याएँ और कानूनी मसलों से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। प्रत्येक शिकायत को ध्यानपूर्वक सुना गया और मौके पर ही कई मामलों का निस्तारण कर दिया गया। जटिल शिकायतों के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई, ताकि प्रभावित पक्षों को जल्द राहत मिल सके। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि हर शिकायत का समाधान न केवल तेजी से हो, बल्कि गुणवत्ता के साथ भी हो।
लालगंज कोतवाली में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हमारी जमीन के विवाद को आज सुन लिया गया और जल्द निपटारा करने का आश्वासन मिला।” वहीं, एक अन्य शिकायतकर्ता ने बिजली की समस्या उठाई, जिसके समाधान के लिए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इस पहल से जनता में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ा है।
जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने अंत में कहा, “थाना समाधान दिवस प्रशासन और जनता के बीच सेतु का काम करता है। हमारा प्रयास है कि हर व्यक्ति की समस्या का समाधान उनके दरवाजे तक पहुँचे।” पुलिस अधीक्षक ने भी आश्वासन दिया कि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ जन शिकायतों का निस्तारण उनकी प्राथमिकता है। इस आयोजन ने न केवल समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त किया, बल्कि सुशासन की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित हुआ।















