“शौक ने बहकाए कदम, कुसंग ने बनाया बदमाश”
संतकबीरनगर। कहते हैं कि कुसंग का ज्वर इंसान को तबाह कर देता है, और यह कहावत कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में पकड़े गए सात बदमाशों पर एकदम सटीक बैठती है। शौक और मनमानी के चक्कर में इनके कदम डगमगाए और ये अपराध की राह पर चल पड़े। पकड़े गए बदमाशों में से साहिद का नाम सबसे चर्चित है, जो पहले हत्या के प्रयास के मामले में जेल जा चुका था और महज छह महीने पहले ही जमानत पर रिहा हुआ था।
मुखलिसपुर चौराहे का निवासी साहिद अपने पांच भाइयों में सबसे छोटा है। सिर्फ आठवीं तक पढ़ाई करने वाला साहिद के पिता चूड़ी की दुकान चलाते हैं। कभी ऑटो चलाकर गुजारा करने वाला साहिद धीरे-धीरे गलत संगत में फंस गया। मोबाइल छिनैती से शुरू हुआ उसका अपराध का सफर चाकूबाजी और हत्या के प्रयास तक जा पहुंचा, जिसके चलते उसे जेल की सैर करनी पड़ी। हाल ही में जमानत पर छूटने के बाद भी उसने सुधरने की बजाय फिर से अपराध की राह चुनी।
वहीं, गौसपुर का आदर्श, जो दो भाइयों में छोटा है, 12वीं कक्षा का छात्र है। दूसरी ओर, महास्थान का अभिलाष 12वीं पास है और अपने दो भाइयों में छोटा है। उसके पिता तमिलनाडु में ठेकेदारी का काम करते हैं। इन युवाओं के शौक और गलत संगत ने इन्हें अपराध की दलदल में धकेल दिया। पुलिस ने सातों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।















