उत्तर प्रदेश/ गोरखपुर
मुख्यमंत्रीएवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में वृहद धार्मिक-आध्यात्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में सोमवार पूर्वाह्न मंदिर की यज्ञशाला में कलश स्थापना व पंचांग पूजन करने के बाद गुरु गोरखनाथ का दर्शन करने मुख्य मंदिर की तरफ जा रहे थे। थोड़ी दूर बढ़ते ही उनकी नजर धूप में खड़ी एक नन्ही बच्ची पर पड़ गई। वह तुरंत बालिका के पास ही रुक गए।व्यस्तता कितनी भी हो, कार्य राजकीय हो या फिर धार्मिक-आध्यात्मिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बच्चों को अपने स्नेह से अभिसिंचित करने के लिए, उनका हालचाल जानने के लिए समय निकाल ही लेते हैं। आनुष्ठानिक कार्यक्रमों की उनकी व्यस्तता के बीच सोमवार को गोरखनाथ मंदिर के ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला।मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में वृहद धार्मिक-आध्यात्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में सोमवार दोपहर मंदिर की यज्ञशाला में कलश स्थापना व पंचांग पूजन करने के बाद गुरु गोरखनाथ का दर्शन करने मुख्य मंदिर की तरफ जा रहे थे। थोड़ी दूर बढ़ते ही उनकी नजर धूप में खड़ी एक नन्ही बच्ची पर पड़ गई। वह तुरंत बालिका के पास ही रुक गए।मुख्यमंत्री का संकेत पाते ही साथ में मौजूद मंदिर के कार्यकर्ता अमित सिंह मोनू ने धूप से बचाने के लिए बालिका को उठा लिया। मुख्यमंत्री ने बालिका से उसका हालचाल पूछा, दुलारा और अपने हाथों से प्रसाद देकर खूब आशीर्वाद दिया। सीएम के यह पूछने पर कि धूप में क्यों खड़ी थी। बालिका ने मासूमियत से कहा, आपको देखने के लिए। इस पर मुख्यमंत्री हंस पड़े, साथ ही प्यार से समझाया कि बच्चों को तेज धूप से बचना चाहिए।जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सभी लोगों के प्रार्थना पत्रों को विषयानुसार प्रशासन और पुलिस के अफसरों को हस्तगत करते हुए निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उनका संतुष्टिपरक त्वरित समाधान कराएं। इस दौरान कुछ लोग गोरखपुर मंडल के बाहर के जिलों से भी आए थे। मुरादाबाद से आए एक व्यक्ति को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि आपके घर पहुंचने के साथ ही समस्या के निदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी होगी । जनता दर्शन में अपने परिजनों के साथ आये बच्चों को भी मुख्यमंत्री ने हर बार की तरह खूब दुलारा । उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली और चॉकलेट के साथ खूब पढ़ने, आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के इलाज में आर्थिक सहायता के प्रार्थना पत्रों को जल्द से जल्द शासन में भेजने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। उन्होंने कहा है कि गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों का इलाज बेहतरीन अस्पतालों में कराया जाएगा। इसके लिए मरीज की कमजोर आर्थिक स्थिति बाधा नहीं बनेगी।
सीएम योगी ने यह निर्देश सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान दिए । मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और निराकरण का भरोसा दिया। सोमवार को मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्या बताने वालों में बड़ी संख्या उन लोगों की रही जो गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। एक महिला ने लखनऊ के एक अस्पताल में अपने परिजन के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार की।आप बिना चिंता उपचार कराइए, पैसा हम देंगे महिला ने बताया, अस्पताल संभवतः इलाज सहायता प्राप्त करने को अर्हता नहीं रखता है। इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीज को SPGI या KGMU में भर्ती कराया जाए। सीएम ने महिला से आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। महिला ने बताया कि नहीं है। मुख्यमंत्री ने उसे आश्वस्त किया कि आप बिना चिंता उपचार कराइए, पैसा हम देंगे।
इस्टीमेट बनवाकर शासन को भेजें
साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल्द से जल्द इलाज के लिए इस्टीमेट बनवाकर शासन को भेजें। उन्होंने महिला को भरोसा देते हुए कहा कि इलाज में मदद के लिए आपको डीएम साहब के यहां से फोन जाएगा। सीएम ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे सभी लोगों को आश्वस्त किया कि इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण होते हैं मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त सहायता धनराशि जारी कर दी जाएगी।















