थाना समाधान दिवस में छाया रहा जमीन संबंधी विवाद का मुद्दा।
-राजस्व के 63 तो पुलिस के पेश हुए सिर्फ दो मामले
-सिर्फ राजस्व के तीन मामलों का हो पाया निपटारा
-लंबित मामलों को निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया निर्देश
-कोतवाली खलीलाबाद में कप्तान तो दुधारा में एडिशनल कप्तान ने सुनी फरियाद
———————————————————————————-
संतकबीरनगर।
जिले के सभी थानों पर शनिवार को थाना समाधान दिवस आयोजित हुआ। पुलिस कप्तान सत्यजीत गुप्ता ने कोतवाली खलीलाबाद में तो एडिशनल कप्तान सुशील कुमार सिंह ने दुधारा थाने में आए फरियादियों की समस्याएं सुनी। इस दौरान जमीन संबंधी विवादों का मुद्दा छाया रहा है। सभी थानों पर राजस्व से संबंधित जहां 63 मामले पेश हुए, वहीं पुलिस से संबंधित सिर्फ दो शिकायतें पहुंची। सिर्फ राजस्व के दो मामले निस्तारित हो पाए। शेष मामलों को निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश दिया गया।
कोतवाली में सीओ अजीत चौहान, कोतवाल सतीश सिंह बैठक कर फरियादियों की समस्याए सुन रहे थे। इसी बीच पुलिस कप्तान सत्यजीत गुप्ता कोतवाली पहुंच गए और थाना समाधान दिवस में आए फरियादियों की समस्याए सुनीं। इस दौरान कोतवाली में कुल 17 शिकायतें पहुंची। जिसमें राजस्व के 16 और पुलिस के सिर्फ एक मामले आए, लेकिन किसी भी मामले का निस्तारण मौके पर नहीं हो पाया। एसपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि थाना समाधान दिवस में आए लोगों की शिकायतों को गम्भीरता से सुना जाए। स्थलीय निरीक्षण करके समस्या का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
एएसपी सुशील कुमार सिंह और नायाब तहसीलदार खलीलाबाद राजेश कुमार मिश्र ने दुधारा थाने पर पहुंचकर आयोजित थाना समाधान दिवस पर फरियादियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान सिर्फ राजस्व से संबंधित तीन मामले आए, एक मामले का निस्तारण नहीं हो पाया। एएसपी ने कहा कि थाना समाधान दिवस में प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण जल्द से जल्द किया जाना चाहिए। जिन प्रार्थना पत्रों का निस्तारण उच्चाधिकारी स्तर से किया जाना है, उन पर रिपोर्ट लगाकर सम्बंधित अधिकारी को प्रेषित करें। जिससे समय से उचित निस्तारण कराया जा सके। इसके साथ ही वहां मौजूद शिकायत पंजिका का निरीक्षण करते हुए निस्तारित हो चुकी शिकायतों के संबंध में फीडबैक भी लिया।
इसी तरह थाना धनघटा में राजस्व के 10 और पुलिस का एक मामला आया। राजस्व के एक मामले का निस्तारण किया गया। महुली थाने पर राजस्व से संबंधित 18 मामले पेश हुए, लेकिन एक भी मामले का निस्तारण नहीं हो पाया। मेंहदावल में राजस्व के पांच मामले, बखिरा में राजस्व के सात मामले, बेलहर और धर्मसिंहवा में राजस्व के दो-दो मामले आए लेकिन एक भी मामले का निस्तारण नहीं हो पाया।















