केंद्र व राज्य सरकार की टीम ने किया संयुक्त सर्वेक्षण मक्का फसल में सैनिक कीट का सीमित प्रभाव, किसानों को दिए गए बचाव के उपाय

केंद्र व राज्य सरकार की टीम ने किया संयुक्त सर्वेक्षण

मक्का फसल में सैनिक कीट का सीमित प्रभाव, किसानों को दिए गए बचाव के उपाय

संतकबीरनगर।

भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, गोरखपुर की टीम ने राज्य कृषि रक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर जनपद में संयुक्त सर्वेक्षण किया।

सर्वेक्षण के दौरान टीम ने संतकबीरनगर के प्रभावित गांव गायघाट और चोलखरी में मक्का की फसल का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ स्थानों पर फसल सैनिक कीट (स्पोडोपटेरा फ्रूगीपरडा) से प्रभावित पाई गई, हालांकि इसका असर सीमित क्षेत्रों तक ही देखा गया। साथ ही क्षेत्र में कीट के पतंगे भी नजर आए।

मौके पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार एवं केंद्रीय टीम के सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी अवधेश कुमार ने किसानों को एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन (आईपीएम) विधि अपनाने की सलाह दी। खेतों में गंधपाश (फेरोमोन ट्रैप) यंत्र लगाए गए, जिससे कीटों की निगरानी की जा सके।

जिन खेतों में कीट का प्रभाव अधिक पाया गया, वहां किसानों को केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड एवं पंजीयन समिति द्वारा अनुमोदित रासायनों के उपयोग की सलाह दी गई। इसके साथ ही किसानों को बायोपेस्टिसाइड का वितरण किया गया और बीज शोधन के महत्व एवं उसके व्यावहारिक लाभों की जानकारी दी गई।

टीम ने किसानों को भारत सरकार के एनपीएसएस (NPSS) ऐप को डाउनलोड कर नाशीजीव की पहचान और डाटा एंट्री करने का प्रशिक्षण भी दिया।

इस सर्वेक्षण में जैविक भवन गोरखपुर से सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी अवधेश कुमार, रत्नेश कुमार मिश्रा, मोनल कुमार सिंह, राज्य कृषि विभाग से उप जिला कृषि रक्षा अधिकारी अजय दीप, नाथनगर विकास खंड के बीज गोदाम प्रभारी गोरखनाथ चौधरी, तकनीकी सहायक रामजी चौधरी तथा प्रगतिशील किसान दिलीप कुमार, सुनील सिंह सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।

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