रिटायर्ड सिपाही के बेटे ने ट्रैक पर रखी थी साइकिल।
-साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन में साइकिल फंसने का मामला
-सीसीटीवी फुटेज और सूचना तंत्र के जरिए पुलिस ने युवक की पहचान की
-चोरी की साइकिल को ट्रैक पर रख कर ट्रेन से क्षतिग्रस्त होने पर कबाड़ में बेचने की थी योजना
-पुलिस की पूछताछ में युवक ने बताई घटना की यही कहानी
-साइकिल शहर में कहां से और किसकी चुराई थी, पता लगाने में जुटी पुलिस
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संतकबीरनगर। ।
दो दिन पूर्व खलीलाबाद के पुराने एआरटीओ कार्यालय के पास रेलवे ट्रैक पर रखी साइकिल साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन में फंसने के मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सूचना तंत्र के जरिए सोमवार को ट्रैक पर साइकिल रखने वाले युवक की पहचान की। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। हिरासत में लिया गया युवक पुलिस विभाग के एक रिटायर्ड कांस्टेबल चालक का बेटा है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में युवक ने जानकारी दी कि चोरी की साइकिल को ट्रैक पर रख कर ट्रेन से क्षतिग्रस्त होने पर कबाड़ में बेचने की उसकी योजना बनाई थी।
ट्रेन संख्या 19410 साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन शनिवार की सुबह गोरखपुर से लखनऊ की ओर जा रही थी। सुबह छह बज कर दो मिनट पर खलीलाबाद शहर के पुराने एआरटीओ कार्यालय के पास ट्रेन पहुंची ही थी। उसी दौरान रेलवे ट्रैक पर रखी साइकिल ट्रेन के इंजन में फंस गई। ट्रेन करीब 200 मीटर दूर जाकर रुक गई। लोको पायलट ने ट्रेन को रोक दिया। लोको पायलट ने साइकिल को बाहर निकाला। इस दौरान ट्रेन सात मिनट लेट हुई। इस मामले में लोको पायलट ने आरपीएफ थाना बस्ती में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था। एसपी ने मामले में सीओ के नेतृत्व में कोतवाली की पुलिस टीम को जांच के लिए लगाया था। जबकि आरपीएफ और जीआरपी की भी टीमें जांच में लगी थीं। कोतवाल सतीश सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और सूचना तंत्र के जरिए ट्रैक पर साइकिल रखने वाले युवक की पहचान प्रवीन चौहान पुत्र रामनाथ चौहान निवासी सिगौरा थाना बेलघाट गोरखपुर, हाल मुकाम गोस्तमंडी खलीलाबाद के रूप में हुई। प्रवीन चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बताया कि पिता रामनाथ चौहान संतकबीरनगर में ही कांस्टेबल चालक थे और पांच-छह साल पूर्व सेवा से रिटायर्ड हो गए थे। उसके पिता ने दो शादी की थी। पहली पत्नी से वह अकेले है। जबकि दूसरी पत्नी से एक बेटा और दो बेटियां है। वह कक्षा आठवीं तक पढ़ा है। वह अपने पिता से शराब पीने के लिए अक्सर पैसा मांगता है। जिसको लेकर उसका पिता से विवाद होता है। शुक्रवार की देर शाम वह घर से विवाद करके निकला और पुरानी सब्जी मंडी के पास रात 12 बजे शराब पिया। रात में ही उसने शहर से एक साइिकल चोरी की और फिर उसी से घूमा। गोला बाजार चौकी के निकट से तीन न्यूज पेपर भी खरीदा और फिर पुराने एआरटीओ कार्यालय की ओर गया। उसकी योजना थी कि चोरी की साइकिल को कबाड़ में बेच कर मिलने वाली रकम को शराब पीने में खर्च करता। उसी वजह से चोरी की साइकिल को ट्रेन से क्षतिग्रस्त होने के लिए ही रेलवे ट्रैक पर रखा था, ताकि कबाड़ में बेचना आसान हो। कोतवाल ने बताया कि अभी पता लगाया जा रहा है कि प्रवीन चौहान ने साइकिल कहां से और किसकी चुराई थी। उसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। सूचना पर आरपीएफ बस्ती थाना प्रभारी एस के मिश्रा और उनकी टीम भी कोतवाली पहुंची थी।















