सरकारी योजना विषय पर जागरूकता साक्षरता शिविर का आयोजन।
गोरखपुर। सहजनवां।
उत्तर प्रदेश राज्य विविध सेवा प्राधिकरण / जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सहजनवां तहसील सभागार में आयोजित लिंग चयन और लिंग निर्धारण के निषेध पर जनजागरूकता एवं कन्या भ्रूण हत्या तथा बालिकाओं के प्रति भेदभाव तथा बेटी बचाओ और बेटी को शिक्षित करो , महिला कल्याण के लिए सरकारी योजना विषय पर जागरूकता/ साक्षरता शिविर की अध्क्षयता करते हुए जनपद न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी ने कहा कि लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 1994 एक ऐसा अधिनियम है। जो कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए लागू किया गया है। इस अधिनियम ने प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण पर प्रतिबंध लगा दिया है। कोई भी व्यक्ति जो प्रसव पूर्व गर्भाधान लिंग निर्धारण का विज्ञापन करता है। या ऐसे किसी कार्य मे सलंग्न होता है। उसे तीन वर्ष तक कैद की सजा का प्रावधान है। बेटी बचाओ , बेटी पढ़ाओ के बारे में कहा कि बालिकाओं को सरकार द्वारा शुरू की गयी सबसे हालिया पहल है। जो लोगो को बालिकाओं को बचाने के लिए सक्रिय रूप से प्रोत्साहित करती है।कई गैर सरकारी संगठन , कारपोरेट समूह , मानवाधिकार आयोग बालिकाओं को बचाने के लिए विभिन्न अभियान चलाते है। लडकिया भगवान का उपहार हैं। न कि बोझ।
इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विकास सिंह, सीजीएम त्रिस्ती श्रीवास्तव, एसडीएम दीपक गुप्ता सीओ गीडा अनुराग सिंह,नायब तहसीलदार दुर्गेश चौरसिया, तहसील बार एसोशिएसन के अध्यक्ष कृष्ण कुमार तिवारी,मंत्री राधवेंद्र सिंह, रमाकांत उपाध्याय, योगेंद्र नाथ श्रीवास्तव, बृजेन्द्र नाथ मिश्र, विनोद कुमार मिश्र, जितेन्द्र पाल गुप्त, शैलेन्द्र श्रीवास्तव सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।















