खतरे के निशान से 30 सेमी ऊपर बह रही राप्ती
– रविवार को राप्ती का जलस्तर 79.80 मीटर पहुंचा
– सरयू का जलस्तर घटने से गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम
संतकबीरनगर। मेंहदावल क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को राप्ती के जलस्तर में वृद्धि हुई और शाम होते-होते खतरे के निशान से राप्ती सात सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। वहीं रविवार को नदी 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। जिससे करमैनी-बेलौली तटबंध सहित कई स्थानों पर जलस्तर का दबाव पड़ना शुरू हो गया है। इसके अलावा सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से दो मीटर नीचे है, जिससे बंधे से सटे लोगों को राहत मिली है।
मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार को राप्ती का जलस्तर सुबह आठ बजे 79.54 मीटर मापा गया जो लाल निशान से चार सेंटीमीटर अधिक था। दोपहर बाद जलस्तर बढ़कर लाल निशान से सात सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। रविवार को जलस्तर में बढ़ोतरी रुकी नहीं, बल्कि सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 79.70 मीटर पहुंच गया। दोपहर 12 बजे के बाद राप्ती का जलस्तर पांच सेंटीमीटर और बढ़ गया। जिससे नदी का जलस्तर 79.80 मीटर पर पहुंच गया।
लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विभागीय अधिकारी जहां सतर्कता बरत रहे हैं वहीं डुमरिया बाबू बेलोली, नौगो, जोरवा, विशुनपुर वांगर समेत कई स्थानों पर जलस्तर का दबाव तटबंध पर पड़ रहा है। तटबंध से पानी सटकर बह रहा है। लगातार जलस्तर बढ़ने से तटबंध से सटे गांव के साथ ही अगल-बगल के गांव में लोग जलस्तर को लेकर दहशत में है।
ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारी तटबंध पर डेरा डाले हुए हैं। अवर अभियंता वीरेंद्र यादव ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के बाद भी तटबंध पर कोई खतरा नहीं है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है और लगातार तटबंध एवं जलस्तर की निगरानी कराई जा रही है। जहां-जहां जलस्तर सटा है वहां तटबंध की निगरानी हो रही है। आवश्यक बढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं। बाढ़ की आशंका पूरी तरह से निराधार है।















