गोरखपुर। नगर निगम कार्यकारिणी की चौथी बैठक नगर निगम महापौर सभागार में आयोजित किया गया महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल सहित कार्यकारिणी के सदस्य अधिकारी मौजूद रहे।
शहर के करीब सवा लाख परिवारों को बड़ी राहत मिली है। वर्ष 2021-22 से जीआईएस सर्वेक्षण आधारित बढ़ा हुआ टैक्स अब उन्हें जमा नहीं करना पड़ेगा। नगर निगम से भेजी गई नोटिस को रद्द मान लिया जाएगा। अब इन परिवारों को वर्ष 2023-24 से टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा।
सोमवार को नगर निगम कार्यकारिणी समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। बुधवार को निगम बोर्ड की बैठक में भी इसे रखा जाएगा। नगर निगम के दायरे में पुराने 70 वार्डों में जीआईएस सर्वेक्षण के बाद टैक्स जमा करने को लेकर नोटिस भेजा गया था। नोटिस में उनका टैक्स 2021-22 से ही बढ़कर आ रहा था।
टैक्स भी 20 से 50 फीसदी तक बढ़ गया। इसे लेकर लोगों ने आपत्ति दाखिल की थी कि रिवाइज टैक्स वित्तीय वर्ष 2023-24 से लिया जाए। इस मुद्दे को बेतियाहता पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने भी उठाया। कार्यकारिणी में इस पर विचार के बाद बीते दो वर्ष से बढ़ा टैक्स न लेने पर सहमति बन गई।
नए वार्डों में सेल्फ असेसमेंट के लिए दो माह का मौका
नगर निगम में शामिल 10 नए वार्डों में भी भवन स्वामियों को अब टैक्स देना पड़ेगा। इसके लिए कर निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन वार्ड के भवन स्वामियों को निगम दो माह का समय देगा कि वे अपनी संपत्ति का ब्योरा नगर निगम को स्वयं उपलब्ध करा दें। इसी के आधार पर उनका कर निर्धारण हो जाएगा।
नगर निगम की दुकानों का बढ़ेगा किराया
कार्यकारिणी समिति की बैठक में नगर निगम की दुकानों और भवनों के किराए का मुद्दा भी उठा। बताया गया कि शासन के संज्ञान में आया है कि नगर निगम की दुकानों और भवनों का किराया और प्रीमियम बहुत कम है। किराए की धनराशि लंबे समय से संशोधित नहीं की गई है।
ऐसे दुकानों का किराया यूपी पीडब्ल्यूडी के नियमावली के अनुसार निर्माण वाले आकार के आधार पर तय करने पर स्वीकृति प्रदान की गई















