कई ग्रामीण क्षेत्र होंगे शहरी बिजली ₹2 यूनिट तक महंगी पावर कॉरपोरेशन के निदेशक मंडल ने पारित किया प्रस्ताव
लखनऊ। प्रदेश के कई ग्रामीण
क्षेत्रों के बिजली के फीडर शहरी क्षेत्र के फीडर में बदले जाएंगे। इससे उस क्षेत्र के उपभोक्ताओं को दो रुपये प्रति यूनिट तक महंगी दर पर बिजली मिलेगी। पावर कॉरपोरेशन के
निदेशक मंडल ने इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर दिया है। इसकी जानकारी मिलते ही उपभोक्ता परिषद ने विरोध शुरू कर दिया है।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के निदेशक मंडल की 14 जून को हुई बैठक में तय किया गया कि प्रदेश के विद्युत
2 करोड़ 85 लाख बिजली उपभोक्ता होंगे प्रभावित
वर्तमान में लागू दरें
(घरेलू, ग्रामीण)
3.35 रुपये/यूनिट
5.50 रुपये यूनिट
ग्रामीण फीडर
101-150
3.85 रुपये/यूनिट
5.50 रुपये यूनिट
यूनिट
0-100
151-300
5.00 रुपये/यूनिट
6.00 रुपये यूनिट
300 के ऊपर
ग्रामीण फीडर के आधार पर बिजली बिल वसूला जा रहा है, वहां शहरी फीडर किया जाए और उपभोक्ताओं से शहरी दर पर बिजली बिल वसूला जाए।
5.50 रुपये/यूनिट
(घरेलू, शहरी)
6.50 रुपये यूनिट
बीपीएल (ग्रामीण)-3.00 रुपये (100 यूनिट तक)
■ फिक्स्ड चार्ज (ग्रामीण) 90 रुपये प्रति किलोवाट
वितरण निगम अपने-अपने क्षेत्र के उन क्षेत्रों को चिह्नित करें, जहां शहरीकरण का असर है। इस दायरे में आने वाले फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं के विद्युत आपूर्ति का टाइप बदला जाए। ऐसे में जहां शहरीकरण के बाद भी अभी तक
समाप्त करने पर संबंधित इलाके में शहरी शिड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति की जाए। संबंधित क्षेत्र में नियामक आयोग की ओर से तय किए गए मानकों का भी अनुपालन किया जाए। पावर कॉरपोरेशन के इस फैसले से करीब 2 करोड़ 85 लाख विद्युत उपभोक्ता प्रभावित होंगे।















