साहबों की मेहरबानी, मंडी में चल रही अवैध दुकानें
– सहजनवां मंडी परिषद में आवंटन के बिना खोली गई हैं अधिकांश दुकानें
– मंडी के जिम्मेदार बने अंजान, लाखों के राजस्व का नुकसान
गोरखपुर । सहजनवां : शासन के तरफ से मंडियों को संचालित कर राजस्व प्राप्त किया जा रहा है लेकिन सहजनवां में साहबों की मेहरबानी से अवैध दुकानें चल रही हैं। इसके कारण सरकार को लाखों रुपया के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
सूबे की सरकार आम लोगों को सुविधा देने के साथ खर्च को पूरा करने के राजस्व की बढ़ोतरी पर भी जोर दे रही है। शहरों से लेकर कस्बों तक मंडी परिषद के जरिए मंडी संचालित हो रही है। सहजनवां मंडी परिषद में शासन से धन मिलने के बाद दुकानों को बना कर व्यापारियों में आवंटित कर दिया गया। व्यापारी भी कारोबार करने लगे और मंडी को राजस्व देते है। मंडी परिषद में हाट शाखा प्रथम धान क्रय के ठीक सामने बिना आवंटन के दो दर्जन से अधिक दुकानें संचालित की जा रही है। अवैध दुकान चलाने वाले व्यापारी अपने पास डंडा और बोरा का घेरा बनाकर दुकान तैयार कर उसमें व्यापार कर रहे है। करीब पांच वर्षों से यह दुकानदार अवैध रूप से अपनी दुकानें संचालित कर रहे है मगर कोई बोलने वाला नहीं है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि दिन में कम से कम चार से पांच बार मंडी के जिम्मेदारों का आना जाना भी होता है लेकिन वह आंख बंद कर चलते बनते है। अवैध दुकानदार साहबों की सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ते हैं, ऐसे में जिम्मेदार भी उनको छेड़ना भी मुनासिब नहीं समझते है। मंडी परिषद के अध्यक्ष व एसडीएम कुंवर सचिन सिंह ने कहा कि अवैध दुकानें नहीं संचालित हो सकती हैं। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।















