तिरंगा आन-बान और शान का प्रतीक, कभी इसे फहराने के अधिकार के लिए कोर्ट जाना पड़ता था : योगी जी   सीएम के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा, उमड़ा जनसैलाब; हर घर तिरंगा फहराने का किया आह्वान

तिरंगा आन-बान और शान का प्रतीक, कभी इसे फहराने के अधिकार के लिए कोर्ट जाना पड़ता था : योगी जी 

 सीएम के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा, उमड़ा जनसैलाब; हर घर तिरंगा फहराने का किया आह्वान

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में टाउनहाल से विशाल तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया। देशभक्ति और राष्ट्र प्रथम के संदेश के साथ निकली यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर सहभागिता की। मुख्यमंत्री स्वयं हाथ में राष्ट्रध्वज लेकर यात्रा का नेतृत्व करते नजर आए।

तिरंगा यात्रा टाउनहाल से शुरू होकर गोलघर चौराहा, गणेश चौराहा, कालीमंदिर और यातायात तिराहा होते हुए रेलवे स्टेशन चौक स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा तक पहुंची। करीब तीन किलोमीटर लंबी यात्रा का समापन महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पार्चन के साथ हुआ।

यात्रा से पहले मुख्यमंत्री ने टाउनहाल में जनसभा को संबोधित करते हुए तिरंगे को देश की आन, बान और शान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रध्वज केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, गौरव और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों पर गर्व के साथ तिरंगा फहराने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के प्रत्येक नागरिक को अपने घर पर राष्ट्रध्वज फहराने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब भारत के नागरिकों को अपने घर पर तिरंगा फहराने के अधिकार के लिए न्यायालय तक की लड़ाई लड़नी पड़ती थी। उन्होंने इसे वर्तमान समय में प्राप्त अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था की उपलब्धि से जोड़ते हुए राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान की भावना मजबूत करने की अपील की।

तिरंगा यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर देशभक्ति गीतों और नारों से वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रहा। बड़ी संख्या में नागरिकों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए। यात्रा के समापन स्थल पर पुष्पार्चन के बाद गुब्बारे छोड़े गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान केवल ध्वज फहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक में राष्ट्र के प्रति गौरव, जिम्मेदारी और एकता की भावना को मजबूत करने का अभियान है।

Previous articleमानव सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं : डीएम कृतिका ज्योत्सना रेडक्रॉस के निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 5 हजार से अधिक कांवड़ियों का उपचार, सेवा-समर्पण की बनी मिसाल

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here