मानव सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं : डीएम कृतिका ज्योत्सना रेडक्रॉस के निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 5 हजार से अधिक कांवड़ियों का उपचार, सेवा-समर्पण की बनी मिसाल

मानव सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं : डीएम कृतिका ज्योत्सना

रेडक्रॉस के निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 5 हजार से अधिक कांवड़ियों का उपचार, सेवा-समर्पण की बनी मिसाल

बस्ती। पवित्र श्रावण मास में कांवड़ यात्रियों की सेवा के लिए इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी, बस्ती शाखा की ओर से लगाए गए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 5 हजार से अधिक शिवभक्त कांवड़ियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। श्रद्धालुओं को प्राथमिक चिकित्सा, आवश्यक दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श निःशुल्क उपलब्ध कराया गया।

शिविर का उद्घाटन जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्सना और पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि मानव सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है। जरूरत के समय किसी व्यक्ति की सहायता करना ही सच्ची समाजसेवा है। उन्होंने कांवड़ यात्रियों की सेवा में जुटी रेडक्रॉस टीम के प्रयासों की सराहना की।

पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु लंबी दूरी तय करते हैं। ऐसे में निःशुल्क चिकित्सा शिविर उनके लिए बड़ी राहत है। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस सोसाइटी जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहती है।

रेडक्रॉस सोसाइटी बस्ती के सभापति संतोष सिंह ने कहा कि संस्था का मूल उद्देश्य ही मानव सेवा है। कांवड़ यात्रियों को यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो, इसी उद्देश्य से शिविर लगाया गया। पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं की सेवा करना संस्था के लिए गर्व और संतोष का विषय है।

सचिव रंजीत श्रीवास्तव ने कहा कि शिविर की सफलता पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। संस्था भविष्य में भी जरूरतमंदों और यात्रियों की सहायता के लिए ऐसे सेवा कार्य जारी रखेगी।

उपसभापति लक्ष्मी कांत पाण्डेय ने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सेवा मानवता की सच्ची मिसाल है। कोषाध्यक्ष राजेश ओझा ने सेवा कार्यों में संसाधनों के पारदर्शी एवं बेहतर उपयोग को प्राथमिकता बताया। कार्यकारिणी सदस्य राहुल श्रीवास्तव ने युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

उमेश श्रीवास्तव ने कहा कि रेडक्रॉस का सेवा भाव समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए। वहीं इमरान अली ने कहा कि मानव सेवा जाति, धर्म और वर्ग की सीमाओं से परे है। शिविर में सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।

शिविर में डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, स्वयंसेवकों और रेडक्रॉस पदाधिकारियों ने लगातार अपनी सेवाएं दीं। बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाते हुए संस्था के सेवा कार्यों की सराहना की।

श्रावण की आस्था के बीच रेडक्रॉस का यह प्रयास सेवा, समर्पण और मानवता का संदेश देता नजर आया।

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