विधायक गणेश चौहान व डीएम आलोक कुमार की मौजूदगी में आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक
उन्नत खेती, बीज वितरण और किसान प्रशिक्षण पर हुआ मंथन
संतकबीरनगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आत्मा (ATMA) गवर्निंग बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। बैठक में धनघटा विधायक गणेश चौहान एवं मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में किसानों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, प्रशिक्षण एवं कृषि योजनाओं का अधिकाधिक लाभ दिलाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
उप निदेशक कृषि ने बताया कि नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन एंड टेक्नोलॉजी के तहत किसानों को प्रशिक्षण, भ्रमण, प्रदर्शन, किसान गोष्ठी, कृषि मेला, महिला खाद्य सुरक्षा समूह तथा वैज्ञानिक संवाद जैसे कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है। गत वर्ष किसानों को करनाल, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी, नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय, मथुरा पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय सहित कई राष्ट्रीय संस्थानों में प्रशिक्षण कराया गया, जिससे उन्नत तकनीकों के प्रयोग से बेहतर उत्पादन प्राप्त हुआ।
बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के अंतर्गत किसानों को डीबीटी के माध्यम से अनुदानित बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष गेहूं, धान एवं दलहन के बीज वितरण के साथ 1650 हेक्टेयर क्लस्टर प्रदर्शन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही 16 जुलाई से 10 अगस्त तक लघु गोदाम, थ्रेसिंग फ्लोर, तिरपाल, बखारी एवं मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरुद्धार कार्यक्रम के तहत ज्वार, बाजरा, कोदो, सांवा एवं रागी के 6062 निःशुल्क मिनी बीज किट किसानों को ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।
भूमि संरक्षण अधिकारी ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना तथा नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर के अंतर्गत प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने संबंधित परियोजनाओं का नियमित निरीक्षण कराने के निर्देश दिए।
बैठक में विधायक गणेश चौहान ने खरीफ सीजन में नहरों के अंतिम छोर तक सिंचाई का पानी पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मुखलिशपुर माइनर से अमेदवा तक पानी न पहुंचने की समस्या का निरीक्षण कर शीघ्र समाधान कराने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों को दलहन, तिलहन और श्री अन्न (मिलेट्स) की खेती के लिए प्रोत्साहित करने, उनके उत्पादों के विपणन की व्यवस्था विकसित करने तथा किसानों को राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में प्रशिक्षण एवं भ्रमण कराने पर बल दिया।
बैठक में कृषि, सिंचाई, पशुपालन, उद्यान एवं मत्स्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।















