मुख्तार गैंग से जुड़े एक लाख के इनामी मुस्तफिजुल का एनकाउंटर, STF के मुख्य आरक्षी को लगी गोली

मुख्तार गैंग से जुड़े एक लाख के इनामी मुस्तफिजुल का एनकाउंटर, STF के मुख्य आरक्षी को लगी गोली

 

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश एसटीएफ और खोराबार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सोमवार देर रात एक लाख रुपये का इनामी अपराधी मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। मुठभेड़ के दौरान बदमाश की फायरिंग में एसटीएफ के मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह गोली लगने से घायल हो गए। उनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।

पुलिस के अनुसार सोमवार रात करीब 11 बजे रामनगर करजहा फोरलेन के पास एसटीएफ और पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान आजमगढ़ के मेहनगर थाना क्षेत्र के खुंदनपुर निवासी मुस्तफिजुल रहमान वहां पहुंचा। पुलिस टीम को देखकर उसने भागने का प्रयास किया और पीछा किए जाने पर पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

घटनास्थल से पुलिस ने .32 बोर की पिस्टल, एक बाइक, कई कारतूस और खोखे बरामद किए हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुस्तफिजुल का आपराधिक इतिहास दो दशक से अधिक पुराना था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र, धमकी, चोरी, पुलिस हिरासत से फरार होने सहित कई संगीन मामलों में मुकदमे दर्ज थे। उसका पहला मुकदमा वर्ष 2003 में चोरी के मामले में दर्ज हुआ था। इसके बाद वर्ष 2008, 2011, 2012 और 2021 में हत्या और हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मामलों में वह नामजद हुआ। न्यायालय के आदेश पर उसके खिलाफ धारा 82/83 के तहत उद्घोषणा और संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी की गई थी।

मुस्तफिजुल वर्ष 2021 में पूर्व बसपा प्रत्याशी कलामुद्दीन खान उर्फ कमालू हत्याकांड का मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता माना जाता था। जांच एजेंसियों के अनुसार उसके तार दुबई में बैठे अपराधियों तथा मुख्तार अंसारी गैंग से भी जुड़े पाए गए थे।

एसटीएफ के अनुसार वर्ष 2024 में गुजरात से आजमगढ़ लाए जाते समय वह महाराष्ट्र के अमरावती के पास चलती ट्रेन से कूदकर पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। इसके बाद से वह लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा और उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ के बाद अब उसके आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों, आर्थिक स्रोतों और गैंग से जुड़े अन्य लोगों की गहन जांच की जा रही है। संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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