एडीजी जोन मुथा अशोक जैन की पहल: बहू-बेटी सम्मेलन में महिलाओं को मिला सुरक्षा और अधिकारों का पाठ

एडीजी जोन मुथा अशोक जैन की पहल: बहू-बेटी सम्मेलन में महिलाओं को मिला सुरक्षा और अधिकारों का पाठ

गोरखपुर। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक/अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन की पहल पर मंगलवार को सदर तहसील सभागार में ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ के अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, नवविवाहित बहुओं और युवतियों ने भाग लेकर अपने अधिकारों, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।

कार्यशाला में महिलाओं को घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा कानून, हेल्पलाइन सेवाएं, आत्मरक्षा, कानूनी अधिकार और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या अपराध की स्थिति में महिलाएं बिना संकोच पुलिस और प्रशासन से सहायता ले सकती हैं।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अपराध सुधीर जायसवाल नोडल अधिकारी के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग महिलाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता के साथ त्वरित निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने महिलाओं से महिला हेल्पलाइन, साइबर हेल्पलाइन तथा अन्य आपातकालीन सेवाओं का आवश्यकता पड़ने पर बेहिचक उपयोग करने की अपील की।

एडीजी जोन मुथा अशोक जैन की इस अभिनव पहल का उद्देश्य नवविवाहित बहुओं तथा 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग की युवतियों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी सामाजिक, पारिवारिक और व्यक्तिगत समस्याओं को खुलकर रख सकें तथा संबंधित विभागों से समाधान प्राप्त कर सकें। यह अभियान महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें कानूनी रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी महिलाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

सम्मेलन में शामिल महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ समाज में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। पुलिस की यह पहल अब प्रदेशभर में महिला सशक्तिकरण के प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रही है।

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