एम्स गोरखपुर में गैस्ट्रो वार्ड शुरू, पूर्वांचल के मरीजों को मिलेगी विशेषज्ञ उपचार की सुविधा
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर में अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी वार्ड का शुभारंभ कर दिया गया है। इसके शुरू होने से गोरखपुर सहित पूरे पूर्वांचल, पश्चिमी बिहार और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के लाखों मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। अब पेट, आंत, लिवर, अग्न्याशय और पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दिल्ली, लखनऊ या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
एम्स प्रशासन के अनुसार, नए गैस्ट्रो वार्ड में मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में आधुनिक जांच, भर्ती और उपचार की समग्र सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वार्ड को नवीनतम चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित किया गया है, जिससे जटिल गैस्ट्रो एवं लिवर रोगों का बेहतर और समयबद्ध उपचार संभव होगा।
यहां लिवर रोग, फैटी लिवर, हेपेटाइटिस, पीलिया, अल्सर, पेट में रक्तस्राव, पाचन तंत्र की बीमारियां, आंतों के संक्रमण, अग्न्याशय संबंधी रोग, पित्ताशय की समस्याएं सहित विभिन्न गैस्ट्रो रोगों का विशेषज्ञ इलाज किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर एंडोस्कोपी और अन्य उन्नत जांच सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।
एम्स गोरखपुर में इस नई सुविधा के शुरू होने से गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलने के साथ आर्थिक बोझ भी कम होगा। पहले ऐसे मरीजों को इलाज के लिए दूरदराज के महानगरों में जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की अधिक आवश्यकता होती थी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गैस्ट्रो वार्ड की स्थापना पूर्वांचल की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्षेत्र के मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी और एम्स गोरखपुर क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवा के प्रमुख केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त होगा















