मुख्यमंत्री योगी ने किया अक्षय पात्र फाउंडेशन की अत्याधुनिक केंद्रीय रसोई का उद्घाटन, लाखों बच्चों को मिलेगा पौष्टिक भोजन
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी ने गोरखपुर में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अक्षय पात्र फाउंडेशन की केंद्रीय रसोई का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और ऐसी पहलें समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए पोषण सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने अक्षय पात्र फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार और समाज के साझा प्रयासों से ही “कोई बच्चा भूखा न रहे” का संकल्प साकार किया जा सकता है।
यह अत्याधुनिक केंद्रीय रसोई आधुनिक तकनीक और स्वचालित प्रणाली से संचालित होगी, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्वच्छ, संतुलित और पोषणयुक्त भोजन तैयार किया जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से गोरखपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के विद्यालयों में अध्ययनरत लाखों बच्चों को मिड-डे मील योजना के अंतर्गत भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2019 से गोरखपुर में शुरू हुई यह पहल अब और व्यापक रूप ले रही है। पहले जहां हजारों बच्चों तक भोजन पहुंचाया जाता था, वहीं नई केंद्रीय रसोई के शुरू होने के बाद अब लाखों बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर पोषण देना भविष्य की मजबूत पीढ़ी तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रसोई में भोजन निर्माण की पूरी प्रक्रिया वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीक पर आधारित है। यहां उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों की सहायता से भोजन तैयार किया जाएगा, जिससे स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही सौर ऊर्जा, जल संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं इसे पर्यावरण के अनुकूल भी बनाती हैं।
फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस केंद्रीय रसोई की क्षमता प्रतिदिन लाखों भोजन तैयार करने की है और भविष्य में इसकी क्षमता का और विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक विद्यालयों को इससे जोड़ा जा सके।
कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। उपस्थित लोगों ने इसे बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल बताया।















