महंगाई के विरोध में पीस पार्टी का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा
रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और बिजली बिलों में बढ़े शुल्क पर जताया विरोध, राहत पैकेज की मांग
संतकबीरनगर। बढ़ती महंगाई और ईंधन मूल्यों में लगातार हो रही वृद्धि के विरोध में बुधवार को पीस पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अपर उप जिलाधिकारी को सौंपकर आम जनता को राहत दिलाने की मांग की गई।
महिला प्रदेश अध्यक्ष मीनू सिंह के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों तथा बिजली बिलों में लगाए जा रहे अतिरिक्त शुल्कों को जनविरोधी बताते हुए सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महंगाई की मार से किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग, छोटे व्यापारी और आम परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
मीनू सिंह ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों का सीधा असर खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर पड़ रहा है, जिससे आम लोगों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। उन्होंने सरकार से महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण लगाने की मांग की।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अफरोज बादल ने डीजल की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे किसानों, ट्रांसपोर्टरों और छोटे व्यवसायियों को अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर लगाए जा रहे फ्यूल एवं पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) को भी तत्काल समाप्त करने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से पार्टी ने रसोई गैस की बढ़ी कीमतें वापस लेने, पेट्रोल-डीजल पर करों में कटौती करने, डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसानों, गरीब परिवारों और आम उपभोक्ताओं के लिए विशेष ऊर्जा एवं ईंधन राहत पैकेज लागू करने की मांग की। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन चलाया जाएगा।
इस दौरान वरिष्ठ नेता यासिर निजाम, जिला सचिव हाजी फिरोज, जिला प्रभारी बृजेश निषाद, ज्ञानदर चौहान, अली जान, सफीक लीडर, हमीदुल्लाह खान, पंचराम चौहान, साइना अंजुम, गुड़िया प्रजापति, संगीता, उषा, शांति, सुनीता, शकुंतला निषाद सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।















