18-19 जून को प्राकृतिक खेती पर महाअभियान, किसानों को मिलेगी समृद्धि की नई राह
बस्ती। रसायन मुक्त और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा “प्राकृतिक खेती के साथ समृद्धि की राह” अभियान के अंतर्गत जनपद में 18 और 19 जून 2026 को दो दिवसीय कार्यशाला एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों, लाभों तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
18 जून को कृषि विज्ञान केंद्र, बंजरिया में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला आयोजित होगी। इसी कार्यक्रम के तहत त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के अंतर्गत कृषक गोष्ठी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें कृषि वैज्ञानिक किसानों को उन्नत खेती और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों के बारे में जानकारी देंगे।
वहीं 19 जून को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में प्रातः 9:30 बजे से प्राकृतिक खेती तकनीकी कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण योजना के अंतर्गत जनपदीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और विभागीय अधिकारी किसानों को खरीफ फसलों की उत्पादकता बढ़ाने तथा प्राकृतिक खेती अपनाने के उपाय बताएंगे।
कृषि विभाग के अनुसार “खेत बचाओ-धरती माता बचाओ” और “विकसित कृषि संकल्प” अभियान के तहत भारत सरकार रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा दे रही है, जिससे मिट्टी की उर्वरता सुरक्षित रहे और किसानों की लागत कम हो सके। कार्यशाला में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल और प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी, जहां किसानों को सरकारी योजनाओं, अनुदान और कृषि नवाचारों की प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
उप कृषि निदेशक अशोक कुमार ने जनपद के किसानों, जनप्रतिनिधियों और आमजन से अपील की है कि वे 18 जून को कृषि विज्ञान केंद्र बंजरिया तथा 19 जून को अटल प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करें और प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाकर कृषि को लाभकारी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाएं।















