डीएम ने स्थायी गौ आश्रय स्थल बढ़या ठाठर का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के दिए निर्देश
संतकबीरनगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने मंगलवार को विकास खंड मेहदावल स्थित स्थायी गौ आश्रय स्थल बढ़या ठाठर का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोवंशों के रखरखाव, चारा-भूसा, पेयजल, उपचार व्यवस्था तथा अन्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय पशुचिकित्साधिकारी डॉ. श्रवण कुमार उपस्थित मिले। गौशाला परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। अधिकारियों ने बताया कि गौशाला में लगभग 54 कुंतल पशु आहार उपलब्ध है, जबकि भूसा भंडार कक्ष में करीब 35 कुंतल भूसा सुरक्षित रखा गया है। जिलाधिकारी ने गोवंशों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में भूसे और चारे का भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान गोवंशों के लिए पानी की व्यवस्था में उपयोग होने वाली मोटर खराब पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को मोटर तत्काल ठीक कराने और पेयजल व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए।
गौशाला परिसर में स्थापित गोबर गैस प्लांट भी वर्तमान में बंद मिला। जिलाधिकारी ने इसे शीघ्र चालू कराने के निर्देश देते हुए कहा कि गोबर गैस प्लांट का संचालन न केवल ऊर्जा उत्पादन में सहायक होगा, बल्कि गौशाला की स्वच्छता व्यवस्था को भी बेहतर बनाएगा।
निरीक्षण के दौरान सिक वार्ड में तीन गोवंश उपचाराधीन पाए गए। जिलाधिकारी ने पशुचिकित्साधिकारी से उनके उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की और बीमार गोवंशों की नियमित निगरानी तथा समुचित चिकित्सा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि गोवंशों का संरक्षण और संवर्धन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गौशाला के संचालन, पशुओं के रखरखाव, चारा-पानी की उपलब्धता और स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी मेहदावल अरुण कुमार, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी मेहदावल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।















