दिशा बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, जनहित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
केंद्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, अधिकारियों को पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की हिदायत
गोरखपुर। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान की अध्यक्षता में मंगलवार को एनेक्सी भवन सभागार में जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सह-अध्यक्ष एवं सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, विमलेश पासवान, महेंद्र पाल सिंह, सरवन निषाद, विभिन्न ब्लॉक प्रमुखों तथा विभागीय अधिकारियों ने सहभागिता की। बैठक की शुरुआत जिलाधिकारी दीपक मीणा द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई।
समीक्षा के दौरान मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, कृषि एवं पशुपालन, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा शहरी विकास सहित अनेक योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए तथा योजनाओं का लाभ धरातल पर दिखाई देना चाहिए।
सांसद रवि किशन ने कहा कि विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन हो सके। वहीं महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और अन्य विधायकों ने अपने क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने विभागवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि अधिकांश योजनाओं में जनपद का प्रदर्शन संतोषजनक है। जिन योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, वहां विशेष अभियान चलाकर सुधार किया जाएगा।
बैठक के अंत में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कर जनहित कार्यों को गति दें।















