भ्रामक रिपोर्ट के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, उच्चस्तरीय जांच की मांग
नमामि गंगे योजना में अनियमितता का आरोप, क्षतिग्रस्त सड़कें और पेयजल संकट से परेशान ग्रामीण
सहजनवा। विकासखंड सहजनवा अंतर्गत ग्राम पंचायत उज्जीखोर के ग्रामीणों ने नमामि गंगे पेयजल योजना में अनियमितताओं और शिकायतों के कथित भ्रामक निस्तारण के विरोध में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि जल निगम (ग्रामीण) द्वारा राजस्व ग्राम उज्जीखोर एवं मटकापार में नमामि गंगे योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान कई स्थानों पर सीसी सड़कें तोड़ दी गईं, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। इसके चलते जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और बरसात से पहले ही जलभराव की समस्या उत्पन्न होने लगी है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई स्थानों पर पाइपलाइन से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है, जबकि सैकड़ों परिवार अब भी पेयजल कनेक्शन से वंचित हैं।
इन समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने पूर्व में जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने बिना स्थलीय निरीक्षण किए ही सब कुछ संतोषजनक बताते हुए शिकायत का निस्तारण कर दिया। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि कागजों पर विकास कार्यों को पूर्ण दिखाया जा रहा है, जबकि धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए तथा बरसात शुरू होने से पहले क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, पाइपलाइन की खामियों को दूर करने और छूटे हुए परिवारों को पेयजल योजना से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।
प्रदर्शन में सचिन गुप्ता, अनिल गुप्ता, रामसावर यादव, गुल्लू पाण्डेय, कोदई गुप्ता, छोटेलाल यादव, श्रीराम यादव, धर्मेन्द्र सिंह, रामजनम सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे व्यापक जनआंदोलन के लिए बाध्य होंगे।















