“मुलाकात से न्याय तक” योजना बनी बंदियों के परिजनों का सहारा जिला कारागार में संचालित लीगल एड हेल्प डेस्क से मिल रहा निःशुल्क कानूनी सहयोग

“मुलाकात से न्याय तक” योजना बनी बंदियों के परिजनों का सहारा

जिला कारागार में संचालित लीगल एड हेल्प डेस्क से मिल रहा निःशुल्क कानूनी सहयोग

संतकबीरनगर। जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह के निर्देशन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायिक अधिकारी सुनील कुमार सिंह की पहल पर जिला कारागार में संचालित “मुलाकात से न्याय तक” योजना बंदियों और उनके परिजनों के लिए राहत का माध्यम बन रही है। कारागार परिसर में स्थापित लीगल एड हेल्प डेस्क के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता और परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।

बंदियों से मुलाकात करने आए परिजनों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि हेल्प डेस्क की स्थापना से उन्हें मुकदमों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में काफी सुविधा मिल रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को कानूनी प्रक्रियाओं को समझने और न्याय पाने में मदद मिल रही है।

लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अंजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिला कारागार में स्थापित हेल्प डेस्क का उद्देश्य बंदियों और उनके परिजनों को सरल, सुलभ और निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यहां केस की स्थिति, जमानत प्रक्रिया, न्यायालयी कार्यवाही और अन्य कानूनी पहलुओं से संबंधित जानकारी दी जाती है।

उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति निजी अधिवक्ता रखने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा जमानत से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।

हेल्प डेस्क पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए नियमित रूप से पैरालीगल वालंटियर्स (पीएलवी) तैनात किए गए हैं, जो आने वाले लोगों की समस्याओं को सुनकर उन्हें उचित कानूनी सलाह और सहायता प्रदान करते हैं।

इस अवसर पर पैरालीगल वालंटियर गंगाराम निषाद, प्रिया निषाद सहित कई बंदियों के परिजन मौजूद रहे। यह पहल न्याय को आमजन तक पहुंचाने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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