सीएमआईएस समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त सख्त, लापरवाही पर नोटिस और वेतन रोकने के निर्देश लंबित परियोजनाओं, न्यायिक वादों और धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, अधिकारियों को दी चेतावनी

सीएमआईएस समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त सख्त, लापरवाही पर नोटिस और वेतन रोकने के निर्देश

लंबित परियोजनाओं, न्यायिक वादों और धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, अधिकारियों को दी चेतावनी

गोरखपुर। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार में सीएमआईएस (CMIS) पोर्टल पर दर्ज परियोजनाओं की प्रगति, कार्यदक्षता और सीएम डैशबोर्ड के आधार पर विकास कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की फ्लैगशिप योजनाओं, निर्माणाधीन परियोजनाओं तथा लंबित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि रेड श्रेणी में दर्शाई गई परियोजनाओं का डाटा समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पोर्टल पर अपलोड किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं की प्रगति में तेजी लाएं। बैठक में यूपीआरएनएसएस की पांच तथा यूपी प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन की छह परियोजनाएं रेड श्रेणी में पाए जाने और संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर संबंधित अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

आईसीडीएस पोषण अभियान की समीक्षा में गोरखपुर और देवरिया जनपदों में कुपोषित बच्चों के सुधार का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने इस विषय को गंभीर बताते हुए सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

बैठक में लंबित न्यायिक वादों की समीक्षा के दौरान धारा-24 (सीमांकन) एवं धारा-34 (नामांतरण) के बड़ी संख्या में लंबित मामलों पर नाराजगी व्यक्त की गई। मंडलायुक्त ने संबंधित उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के वेतन को अग्रिम आदेश तक बाधित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिलाधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा में चारफाटक-असुरन मार्ग, मानीराम-बालापार मार्ग और गोरखपुर-पिपराइच मार्ग सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई गई। मंडलायुक्त ने जल निगम एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने की चेतावनी देते हुए कहा कि प्रगति में सुधार न होने पर शासन स्तर पर कार्रवाई के लिए मामला भेजा जाएगा।

अमृत 2.0 योजना के तहत गोडधोइया नाला और रामगढ़ताल के जीर्णोद्धार कार्यों में देरी पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। जल निगम, यूपीपीसीएल और सीएंडडीएस के अधिकारियों को अनावश्यक विलंब समाप्त कर कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में डीएम दीपक मीणा, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, अपर जिलाधिकारीगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।

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