डीजी बनने के बाद अशोक मुथा जैन ने मुख्यमंत्री योगी से की शिष्टाचार भेंट
गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर लिया आशीर्वाद, बेहतर पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था को लेकर जताई प्रतिबद्धता
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस में पदोन्नति के बाद पुलिस महानिदेशक (डीजी) बने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अशोक मुथा जैन ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा नई जिम्मेदारियों के निर्वहन को लेकर मार्गदर्शन भी लिया।
गोरखनाथ मंदिर में हुई इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अशोक मुथा जैन को डीजी पद पर पदोन्नति मिलने की बधाई देते हुए उनके सफल और प्रभावी कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक दक्षता से प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।
वर्ष 1995 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अशोक मुथा जैन हाल ही में पुलिस महानिदेशक के पद पर पदोन्नत हुए हैं। उन्होंने 3 जुलाई 2025 को गोरखपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) के रूप में कार्यभार संभाला था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, संगठित अपराध के विरुद्ध कार्रवाई तथा तकनीक आधारित पुलिसिंग को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण पहल कीं।
गोरखपुर जोन में उनके नेतृत्व में चलाए गए अभियानों से अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगा और आमजन में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हुआ। पुलिसिंग में पारदर्शिता, जवाबदेही और आधुनिक तकनीकों के समावेश को बढ़ावा देने के लिए भी उनके प्रयासों की सराहना की जाती रही है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान अशोक मुथा जैन ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि जनता को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
भेंट के उपरांत उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन कर प्रदेश की शांति, समृद्धि और सुरक्षा की कामना की। इस अवसर पर मंदिर परिसर में उपस्थित लोगों ने भी उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
पुलिस महकमे में अशोक मुथा जैन की पहचान एक कुशल, अनुशासित और परिणामोन्मुख अधिकारी के रूप में रही है। उनके डीजी बनने से प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।















