आमी नदी के पुनर्जीवन की उठी मांग, सभासदों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
संतकबीरनगर। सूफी संत संत कबीर की परिनिर्वाण स्थली मगहर के निकट बहने वाली ऐतिहासिक आमी नदी को प्रदूषण मुक्त कर उसके संरक्षण एवं पुनर्जीवन की मांग को लेकर नगर पंचायत के मनोनीत सभासदों ने सोमवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिलाधिकारी ने आमी नदी की सफाई और संरक्षण के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
नगर पंचायत के मनोनीत सभासद गौरव निषाद एवं ई. अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि कभी क्षेत्र की जीवनदायिनी मानी जाने वाली आमी नदी आज प्रदूषण, अतिक्रमण और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार होकर अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इसके संरक्षण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियां इस ऐतिहासिक नदी को केवल पुस्तकों और इतिहास में ही देख सकेंगी।
ज्ञापन में बताया गया कि संत कबीर की परिनिर्वाण स्थली मगहर के निकट बहने वाली आमी नदी धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में नदी में गिर रहे गंदे नालों, कूड़ा-कचरे तथा जलकुंभी के अत्यधिक फैलाव से इसका जल प्रदूषित हो चुका है और नदी का प्राकृतिक स्वरूप लगातार बिगड़ता जा रहा है।
सभासदों ने मांग की कि आमी नदी की व्यापक सफाई कराई जाए, उसमें गिरने वाले गंदे नालों को रोका जाए तथा जलकुंभी एवं अन्य अवरोधों को हटाकर जल प्रवाह को सुचारु बनाया जाए। साथ ही नदी संरक्षण के लिए एक स्थायी कार्ययोजना बनाकर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुर्रहमान विक्की खां ने कहा कि आमी नदी का पुनर्जीवन केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है। नदी के स्वच्छ और अविरल होने से भूजल स्तर में सुधार होगा, पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा तथा पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में गौरव निषाद, ई. अरुण कुमार गुप्ता तथा अब्दुर्रहमान विक्की खां प्रमुख रूप से शामिल रहे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से भी आमी नदी को स्वच्छ एवं जीवंत बनाने के अभियान में सहयोग की अपील की।















