जीआरपी गोरखपुर की बड़ी सफलता: 310 खोए मोबाइल बरामद, 60 लाख रुपये की संपत्ति लौटाई
दो माह में सर्विलांस सेल ने किया सराहनीय कार्य, मोबाइल पाकर खिले लोगों के चेहरे
गोरखपुर। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) गोरखपुर की सर्विलांस सेल ने खोए हुए मोबाइल फोन बरामद करने के अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। बीते दो माह के दौरान टीम ने 310 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंप दिए। बरामद मोबाइलों में 308 एंड्रॉयड फोन और 2 आईफोन शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी गई है।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी. एवं पुलिस महानिरीक्षक रेलवे लखनऊ रामकृष्ण भारद्वाज के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक रेलवे गोरखपुर लक्ष्मी निवास मिश्र के मार्गदर्शन में संचालित की गई। पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया सवि रत्न गौतम एवं पुलिस उपाधीक्षक रेलवे गोरखपुर विनोद कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में जीआरपी की सर्विलांस टीम ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों समेत अन्य राज्यों से मोबाइल फोन बरामद किए।
शनिवार को पुलिस अधीक्षक रेलवे कार्यालय गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र ने बरामद मोबाइल उनके मालिकों को सुपुर्द किए। लंबे समय बाद अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। लाभार्थियों ने जीआरपी की तत्परता और कार्यशैली की जमकर सराहना की।
पुलिस अधीक्षक रेलवे ने बताया कि मई 2025 से अब तक सर्विलांस सेल द्वारा 1300 से अधिक खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके स्वामियों को वापस दिलाए जा चुके हैं। यह उपलब्धि यात्रियों और आम नागरिकों के बीच रेलवे पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करने का कार्य कर रही है।
इस उत्कृष्ट कार्य के लिए सर्विलांस सेल के हेड कांस्टेबल सुन्दर सिंह, कांस्टेबल बृजेश यादव एवं कांस्टेबल विकास कुमार राय को 2-2 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
बरामदगी में शामिल टीम
हेड कांस्टेबल सुन्दर सिंह, सर्विलांस सेल जीआरपी गोरखपुर
कांस्टेबल बृजेश यादव, सर्विलांस सेल जीआरपी गोरखपुर
कांस्टेबल विकास कुमार राय, सर्विलांस सेल जीआरपी गोरखपुर
जीआरपी की इस सराहनीय कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि आधुनिक तकनीक और सतत प्रयासों के माध्यम से खोई हुई संपत्ति को उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाना संभव है। यात्रियों और आमजन ने रेलवे पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया।















