गंजेपन से परेशान हैं तो एम्स जाइए…बाल लगवाइए
उत्तर प्रदेश। गोरखपुर
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भी अब बाल ट्रांसप्लांट करके गंजेपन की समस्या दूर की जाएगी। इसके लिए फॉलिक्यूलर यूनिट हेयर एक्सट्रैक्शन ग्राफ्टिंग (एफयूआई) तकनीक की शुरुआत की गई है। इस विधि से गंजे लोगों के सिर पर बाल प्रत्यारोपण सुविधाजनक है। इसमें सिर पर जहां बाल नहीं है, वहां बालों को लेकर प्रत्यारोपित किया जाता है।
एम्स के डर्मेटोलॉजी विभाग के सह प्राध्यापक डॉ सुनील कुमार गुप्ता के मुताबिक, एफयूआई बाल प्रत्यारोपण के लिए एक सुरक्षित
तकनीक है। यह गंजे लोगों के लिए बालों की वापसी का विकल्प प्रदान करती है। इसमें मरीज के सिर के पिछले हिस्से के बालों को काटकर अगले हिस्से में लगाया जाता है।
एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि बालों के झड़ने की समस्या से पीड़ित लोगों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। एम्स में बाल प्रत्यारोपण के लिए नवीनतम तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है।















