निर्दोष को छुआ तो खैर नहीं, दोषी छोड़ा तो कार्रवाई तय: एसएसपी डॉ. कौस्तुभ जनता का भरोसा जीतना प्राथमिकता, गलत करने वालों पर गिरेगी गाज

निर्दोष को छुआ तो खैर नहीं, दोषी छोड़ा तो कार्रवाई तय: एसएसपी डॉ. कौस्तुभ

जनता का भरोसा जीतना प्राथमिकता, गलत करने वालों पर गिरेगी गाज

गोरखपुर। पुलिस लाइन सभागार में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने 2023 बैच के उपनिरीक्षकों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में जनपद के विभिन्न थानों में तैनात करीब 200 उपनिरीक्षकों को पुलिस सेवा के मूल दायित्वों, निष्पक्ष पुलिसिंग, जनता के प्रति व्यवहार और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारियों पर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। एसपी सिटी अभिनव त्यागी और एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र भी मौजूद रहे।

एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी जनता का विश्वास है, जो केवल ईमानदार, निष्पक्ष और संवेदनशील कार्यशैली से ही अर्जित किया जा सकता है। उन्होंने नव नियुक्त उपनिरीक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान करना पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाता है। वहीं दोषी को पकड़ने के बाद अनुचित तरीके से छोड़ने या मामले में ढिलाई बरतने की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी, “कानून से ऊपर कोई नहीं है। अपराधियों के प्रति सहानुभूति या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थाने पर आने वाले फरियादियों से शालीनता से बात करें, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। पुलिस का व्यवहार ऐसा हो कि आम नागरिक खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे।”

बैठक में विवेचना की गुणवत्ता, गिरफ्तारी प्रक्रिया, महिला एवं कमजोर वर्ग से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, बीट पुलिसिंग, रात्रि गश्त और अपराध नियंत्रण के प्रभावी तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई। एसएसपी ने तकनीक का उपयोग बढ़ाने, रिकॉर्ड अपडेट रखने और वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने कहा कि थाना स्तर पर वही अधिकारी सफल होता है जो टीम भावना से काम करे और जनता के बीच सकारात्मक छवि बनाए। अनुशासन, समयपालन और बेहतर संवाद पुलिसिंग की रीढ़ हैं। एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र ने जोर दिया कि क्षेत्र में छोटी से छोटी घटना की जानकारी रखना और त्वरित प्रतिक्रिया देना जरूरी है। अपराध रोकथाम में सक्रियता ही सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने उपनिरीक्षकों को मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने की सलाह दी।

करीब दो घंटे चली इस बैठक के अंत में एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने सभी से अपेक्षा जताई कि वे अपने आचरण और कार्यशैली से गोरखपुर पुलिस की प्रतिष्ठा को और मजबूत करेंगे। ईमानदार मेहनत करने वालों को विभाग प्रोत्साहित करेगा, लेकिन भ्रष्टाचार या लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं है।

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