डीएम-एसपी ने जिला कारागार का सघन निरीक्षण किया
व्यवस्थाओं में सुधार, कैदियों की समस्याओं पर तत्काल ध्यान के सख्त निर्देश
रायबरेली। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर और पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने संयुक्त रूप से जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने कारागार की समग्र व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और बंदियों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना।
अधिकारियों ने सभी बैरकों का दौरा किया। पाकशाला में बंदियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, पेयजल की उपलब्धता, प्रकाश व्यवस्था, शौचालयों की सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण में पाया गया कि कुछ व्यवस्थाओं में और सुधार की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कारागार में सभी व्यवस्थाएं जेल मैनुअल के पूर्ण अनुपालन में हों। उन्होंने कहा कि बंदियों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए। कारागार में रह रहे मरीजों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टर की नियमित उपस्थिति और आवश्यक जांचों को सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था, बैरकों में अनुशासन और कैदियों के साथ व्यवहार पर भी चर्चा की। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि बंदियों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो और कोई भी समस्या लंबित न रहे।
दोनों अधिकारियों ने कारागार अधीक्षक और अन्य कर्मचारियों को चेतावनी दी कि मानवीय दृष्टिकोण के साथ-साथ नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि कारागार न केवल सजा का स्थान है, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी होना चाहिए। इसलिए सभी सुविधाएं मानक के अनुरूप हों और बंदियों के अधिकारों की रक्षा हो।
निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने जेल प्रशासन को तत्काल सुधार के लिए समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाएगी।















