सीडीओ ने शुरू किया खुरपका मुंहपका रोग से बचाव का 45 दिवसीय सघन टीकाकरण अभियान
रायबरेली। जनपद की कुल 988 ग्राम पंचायतों में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी) के तहत गोवंशीय एवं महिष वंशीय पशुओं में खुरपका मुंहपका रोग (Foot & Mouth Disease) से बचाव के लिए 22 जनवरी से 10 मार्च 2026 तक चलने वाले 45 दिवसीय सघन टीकाकरण अभियान (सातवें चरण) की शुरुआत मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कुलदीप द्विवेदी ने विकास भवन के मुख्य द्वार से सचल पशु चिकित्सा वाहनों/पशु टीकाकरण टीमों को हरी झंडी दिखाकर की।
मुख्य विकास अधिकारी ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों, अधिकारियों व मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए बताया कि खुरपका मुंहपका रोग गोवंशीय एवं महिष वंशीय जैसे खुर वाले दुधारू पशुओं में होने वाली अत्यधिक संक्रामक बीमारी है। इससे पशुओं के मुंह एवं खुरों में छाले और गंभीर घाव हो जाते हैं। भारत में यह रोग पशुधन के लिए गंभीर संकट है, जिससे किसानों/पशुपालकों को हर वर्ष भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। भारत सरकार इस रोग के नियंत्रण हेतु वर्ष में दो बार बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाती है।
इस अभियान के तहत पशुपालन विभाग रायबरेली द्वारा गठित 52 टीमें जनपद की 06 तहसीलों में कुल 988 ग्राम पंचायतों में पशुपालकों के द्वार पर जाकर शत-प्रतिशत गोवंशीय एवं महिष वंशीय पशुओं को खुरपका मुंहपका रोग से बचाव हेतु निःशुल्क टीकाकरण करेंगी। साथ ही क्षेत्र के पशुपालकों को उनके द्वार पर आकस्मिक पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु 1962 टोल फ्री नंबर डायल कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कुलदीप द्विवेदी ने बताया कि इस सघन टीकाकरण अभियान के तहत 609345 गोवंशीय एवं महिष वंशीय पशुओं को निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। प्रत्येक टीम की अगुवाई स्थानीय पशु चिकित्साधिकारी द्वारा की जाएगी, जिनके नेतृत्व में पशुधन प्रसार अधिकारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, पशुमित्र/मैत्री, वैक्सीनेटर पशुपालकों के द्वार पर जाकर शत-प्रतिशत पशुओं को ईयर टैग लगाने के साथ-साथ निःशुल्क एफएमडी टीका लगाएंगे।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक डीआरडीए सतीश प्रसाद मिश्र, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सदर डॉ. संजय कुमार सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी महराजगंज डॉ. उमेश चन्द्र, मोबाइल पशु चिकित्सा एम्बुलेंस सेवा के पशु चिकित्साधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी एवं पशुपालन विभाग का समस्त फील्ड स्टाफ उपस्थित रहा।















