वीर नारियों एवं पूर्व सैनिकों को शाल व प्रशस्ति पत्र से सम्मानित, जिलाधिकारी बोले- “राष्ट्र अपने वीर सपूतों का सदैव ऋणी रहेगा”
संतकबीरनगर। 10वें सशस्त्र सेना वेटरंस दिवस के अवसर पर 14 जनवरी 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में गरिमामयी समारोह आयोजित किया गया। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त व राजस्व) जयप्रकाश भी उपस्थित रहे।
समारोह में देश की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने जनपद की वीर नारियों और पूर्व सैनिकों को शाल ओढ़ाकर तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान पाकर वीर नारियों और पूर्व सैनिकों के चेहरे गर्व से खिल उठे।
अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा, “देश की सीमाओं की सुरक्षा और अखंडता के लिए हमारे सैनिकों ने जो बलिदान दिया है, उसका मूल्य कभी नहीं चुकाया जा सकता। राष्ट्र अपने वीर सपूतों का सदैव ऋणी रहेगा।” उन्होंने प्रशासन की ओर से पूर्व सैनिकों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। द्वितीय विश्व युद्ध की वीर नारियों (विधवाओं) से आत्मीयता से बातचीत करते हुए उन्होंने माताओं को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी हर समस्या के समाधान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सम्मान और अपनत्व पाकर कई वीर नारियों की आंखें नम हो गईं, फिर भी उन्होंने गर्व से कहा कि “देश रक्षा में प्राणों की आहुति देने का सर्वोच्च सम्मान सिर्फ एक सैनिक को ही प्राप्त होता है।”
अपर जिलाधिकारी जयप्रकाश ने कहा कि पूर्व सैनिक देश एवं समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनका सम्मान करना सभी के लिए गर्व का विषय है। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल राम प्रकाश मिश्र ने पूर्व सैनिकों की सेवाओं के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि सशस्त्र सेना का इतिहास शौर्य और त्याग की कहानियों से भरा है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, उनके परिजन और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह समारोह राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता और वीरों के सम्मान का प्रतीक बना।















