एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलपति से की बदसलूकी, पुलिस से झड़प; जमकर की तोड़फोड़ वायरल वीडियो
उत्तर प्रदेश /गोरखपुर
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि और छात्रों के निलंबन के खिलाफ चल रहा विद्यार्थी परिषद का प्रदर्शन चौथे दिन शुक्रवार शाम को उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में तोड़फोड़ कर कुलपति और कुलसचिव से अभद्रता और धक्कामुक्की की तो फोर्स ने बल प्रयोग किया। पुलिस ने छात्रों को जमकर डंडे से पीटा। घसीटते हुए गाड़ियों में ठूंसा और हिरासत में लेकर कैंट थाने चले गए। छात्रों ने कैंट थाने के सामने पहुंचकर जाम लगा दिया।
विश्वविद्यालय में इस सत्र से 400 प्रतिशत तक की फीस वृद्धि की गई है। इसको लेकर छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता फीस वृद्धि वापस लेने को लगातार आंदोलन कर रहे थे। इस पर चार कार्यकर्ताओं का विश्वविद्यालय प्रशासन ने निष्कासन कर दिया गया। इसके बाद 18 जुलाई से विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। शुक्रवार को सुबह 10 बजे प्रदर्शनकारी कुलपति कार्यालय पहुंचे और गेट पर इस ऐलान के साथ बैठ गए कि जब तक फीस वृद्धि वापस लेने की घोषणा नहीं होती, न तो किसी को अंदर जाने देंगे और न ही बाहर। अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे तक कोई सुनवाई नहीं होने पर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में छात्रावासी व अन्य छात्र भी आ गए।
गेट पर फोर्स भी मुस्तैद रही। इस बीच प्रदर्शनकारी कुलपति कार्यालय की ओर बढ़े। अंदर तोड़फोड़ शुरू हो गई। गेट के शीशे टूट गए। ऊपर कुलपति के चेंबर के पास कांफ्रेंस हॉल में भी तोड़फोड़ की गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान कुलपति प्रो. राजेश सिंह चेम्बर से निकल कर जाने लगे तो प्रदर्शनकारी उनसे भिड़ गए। कुलपति से अभद्रता और धक्कामुक्की के बीच कुलसचिव आ गए तो वे भी प्रदर्शनकारियों के गुस्से का शिकार बने। पुलिस ने किसी तरह कुलपति को वहां से निकालकर आवास तक पहुंचाया।
पहले जानते हैं क्यों हुआ बवाल ABVP कार्यकर्ता यूनिवर्सिटी में फैली अनियमितता के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों के मुताबिक वाइस चांसलर के आश्वासन के बाद भी किसी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद 13 जुलाई को ABVP कार्यकर्ताओं ने मांगे पूरी न होने पर यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया।
उस दिन कार्यकर्ताओं ने तीन गेट के ताले भी तोड़ दिए थे। इसके बाद वाइस चांसलर ने एक-एक कर छात्रों की समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया था कि जल्द ही इन सभी का समाधान कर दिया जाएगा।
इसके बाद डीन डॉ. सत्यपाल सिंह ने हंगामा करने वाले 4 कार्यकर्ताओं के निलंबन और 4 कार्यकर्ताओं को यूनिवर्सिटी में प्रवेश वर्जित करने का आदेश जारी कर दिया।
इस आदेश के विरोध में छात्र वाइस चांसलर से मिलने शुक्रवार को पहुंचे तो उन्होंने बात करने से मना कर दिया। इस पर कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क गया।
वायरल वीडियो देखें
वीडियो देखें















