सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्सना ने सुनी जन समस्याएं, 59 प्रार्थना पत्रों में से 7 का मौके पर निस्तारण
बस्ती। शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सोमवार को तहसील हर्रैया सभागार में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्सना की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे और अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के सख्त निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान कुल 59 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 7 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष प्रार्थना पत्रों के संबंध में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी इनका समयबद्ध ढंग से निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का समाधान मौके पर संभव नहीं हो सका, उनका निस्तारण पारदर्शी, न्यायसंगत और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए, ताकि शिकायतकर्ताओं को वास्तविक राहत मिल सके। विशेष रूप से राजस्व विभाग के अधिकारियों को भूमि विवाद, नामांतरण एवं अन्य राजस्व संबंधी मामलों में अनावश्यक विलंब न करने तथा न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने भी समाधान दिवस में भाग लिया और शिकायतकर्ताओं की पुलिस संबंधी समस्याओं को ध्यान से सुना। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का त्वरित एवं न्यायसंगत निस्तारण हो तथा शिकायतकर्ताओं से सरल, विनम्र एवं व्यवहारपूर्ण तरीके से बातचीत की जाए। इससे जनता में पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ेगा।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी सत्येंद्र सिंह, उप निदेशक कृषि अशोक कुमार गौतम, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण गुप्ता, जिला समाज कल्याण अधिकारी लालजी यादव, क्षेत्राधिकारी पुलिस स्वर्णिमा सिंह, जिला सेवा योजन अधिकारी अवधेंद्र प्रताप वर्मा, डीएचओ अरुण त्रिपाठी, एआर कोऑपरेटिव आशीष श्रीवास्तव, मत्स्य अधिकारी संदीप वर्मा, डीपीआरओ धनश्याम सागर सहित जिला स्तरीय विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
यह आयोजन जन-केंद्रित प्रशासन की मिसाल पेश करता है। जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्सना ने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस के माध्यम से आमजन की छोटी-बड़ी समस्याओं का घर बैठे समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं, ताकि प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो और विकास कार्यों में तेजी आए।















