सड़क दुर्घटनाओं में हर हाल में कमी लाएं, कोहरे में ‘जीरो टॉलरेंस’ अपनाएं: मुख्यमंत्री योगी

गोरखपुर/लखनऊ। प्रदेश में सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मंडलों एवं जिलों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। लखनऊ स्थित पांच कालिदास मार्ग से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में एक भी मौत अस्वीकार्य है। ठंड एवं कोहरे के मौसम में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाए।गोरखपुर मंडलायुक्त सभागार में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, आईजी एस. चनप्पा, डीएम दीपक मीणा, एसएसपी राजकरन नय्यर, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, सीएमओ डॉ. राजेश झा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री ने कोहरे में हाईवे, स्टेट रोड एवं शहरी मार्गों पर विशेष निगरानी अभियान चलाने के निर्देश दिए।
सभी ब्लैक स्पॉट्स का पुनः सर्वे कर रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड, क्रैश बैरियर, रोड मार्किंग, स्टड लाइट एवं स्पीड कंट्रोल उपाय तत्काल पूरे करें। रात में भारी वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग पर सख्ती बरतें।नशे में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग, रॉन्ग साइड, बिना हेलमेट-सीट बेल्ट पर कठोर प्रवर्तन करें। ट्रैफिक एवं स्थानीय पुलिस संयुक्त चेकिंग अभियान चलाएं।
बस-ट्रक चालकों का नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य करें।आंकड़ों की समीक्षा में सीएम ने कहा कि 2020 में 19,149 मौतें 2024 में 24,118 हुईं, लेकिन वृद्धि दर 10.83% से घटकर 1.97% रह गई। प्रति 10,000 वाहनों पर दुर्घटनाएं स्थिर हैं, जो नियंत्रण दर्शाता है। फिर भी संतोष की गुंजाइश नहीं।
सड़क सुरक्षा सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है। गोल्डन ऑवर में इलाज के लिए एंबुलेंस-ट्रॉमा सेंटर तैयार रखें। हर जिले में मासिक समीक्षा, जागरूकता अभियान एवं स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित करें। सीएम ने दो टूक कहा हर दुर्घटना रोकी जा सकती है, हर जान अनमोल है, लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी.















