सदर तहसील में समाधान दिवस: 128 शिकायतें प्राप्त, 20 का मौके पर निस्तारण
गोरखपुर। सदर तहसील सभागार में शनिवार को तहसील समाधान दिवस का सफल आयोजन हुआ। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सदर दीपक गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न इस कार्यक्रम में राजस्व, पुलिस, विकास एवं समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। फरियादियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनकर त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया।समाधान दिवस में डिप्टी कलेक्टर/तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार अरविंद नाथ पांडे, देवेंद्र यादव, आकांक्षा पासवान, भागीरथी सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने एक-एक कर फरियादियों की शिकायतें सुनीं और संबंधितों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
सर्वाधिक शिकायतें भूमि विवाद, सीमांकन, सार्वजनिक रास्तों पर अवैध कब्जा, खसरा-खतौनी में फर्जी प्रविष्टि एवं अन्य राजस्व मामलों की रहीं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई सार्वजनिक रास्तों पर निजी नाम दर्ज करा लिए गए हैं, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। एसडीएम ने ऐसे मामलों में तत्काल जांच कर रिपोर्ट सौंपने के लिए लेखपालों एवं राजस्व निरीक्षकों को निर्देशित किया।वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम से जुड़े मामले भी सामने आए। एक वृद्ध महिला ने पुत्रों पर न्यायालय आदेश के बावजूद भरण-पोषण न देने की शिकायत की। एसडीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए आदेश अनुपालन एवं थाने को कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीमांकन संबंधी शिकायतों में खेतों के पत्थर उखाड़ने एवं दबंगई पर सख्ती बरतते हुए छेड़छाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के आदेश दिए। पुलिस एवं राजस्व टीम को संयुक्त रूप से मौके पर जांच करने को कहा गया।कुल 128 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 20 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को सौंपकर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निपटारे के निर्देश जारी किए गए।एसडीएम दीपक गुप्ता ने कहा कि समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं न्यायोचित निराकरण है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।















