देश को तोड़ने वाले जयचंद-मीरजाफर जैसे पापी हैं: जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि देते हुए CM योगी का करारा तंज
गोरखपुर।
देश के प्रथम CDS स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की चौथी पुण्यतिथि पर गोरखपुर सैनिक स्कूल में भावुक और ओजपूर्ण माहौल था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1000+ सीटों वाले भव्य ‘जनरल बिपिन रावत ऑडिटोरियम’ का लोकार्पण किया, उनकी प्रतिमा का अनावरण किया और एक पुस्तिका का विमोचन भी किया। लेकिन सबसे ज़्यादा सुर्खियाँ बटोरीं उनके उस तीखे तंज ने जिसमें उन्होंने जाति-क्षेत्र-भाषा के नाम पर देश को बाँटने वालों को “जयचंद और मीरजाफर” कहा।
मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए करारा प्रहार किया –
“देश को तोड़ने के लिए बहुत लोग हैं। कोई जाति के नाम पर, कोई क्षेत्र के नाम पर, कोई भाषा के नाम पर बाँट रहा है। सत्ता मिली नहीं कि सिर्फ़ अपना और परिवार का सोचते हैं – विदेशों में होटल, द्वीप, प्रॉपर्टी। ये लोग देश को दरिद्र करने का षड्यंत्र करते हैं। ऐसे लोग जयचंद और मीरजाफर से बड़ा पाप कर रहे हैं।”
सीएम ने प्रधानमंत्री मोदी के पंच प्रण को जीवन-मंत्र बताते हुए कहा, “विकसित भारत तभी बनेगा जब हम गुलामी की मानसिकता त्यागेंगे, अपनी विरासत पर गर्व करेंगे, सैनिकों का सम्मान करेंगे, सामाजिक एकता क़ायम रखेंगे और कर्तव्य को सर्वोपरि रखेंगे।”
जनरल रावत को याद करते हुए योगी जी भावुक हो गए –
“जनरल साहब में मातृभूमि के प्रति अद्भुत समर्पण था। वे सहज थे, सरल थे, लेकिन देशहित में बेबाक थे। तीनों सेनाओं के एकीकरण का जो सपना उन्होंने देखा, आज वो साकार हो रहा है।”
उन्होंने सैनिक स्कूल के बच्चों से कहा –
“अनुशासन के बिना जीवन में दुशासन घुस जाता है। जनरल रावत से प्रेरणा लो। हर 8 दिसंबर को यहाँ ‘प्रेरणा दिवस’ मनाओ और शहीदों को नमन करो।”
कार्यक्रम में असम राइफल्स के DG लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा और पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने भी जनरल रावत को याद किया। दोनों ने एक स्वर में कहा – “जनरल साहब का योगदान स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। यह ऑडिटोरियम आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति सिखाएगा।”
गोरखपुर सैनिक स्कूल में आज 75 बालिकाएँ और 235 बालक कुल 310 कैडेट्स पढ़ रहे हैं। सीएम ने बताया कि 2018 में ही उन्होंने यूपी के सैनिक स्कूलों में बालिकाओं के लिए आरक्षण शुरू कराया था।
जनरल रावत की दोनों बेटियाँ कृतिका और तारिणी भी मौजूद थीं। सीएम ने उन्हें सलाम करते हुए कहा – “किसी बेटी के लिए इससे बड़ा गर्व नहीं कि उसके पिता ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।”
एक दिन में दो बड़े आयोजन – सुबह नई ITI का लोकार्पण, दोपहर में जनरल रावत को श्रद्धांजलि गोरखपुर ने आज फिर देख लिया कि योगी जी का नेतृत्व सिर्फ़ विकास नहीं, राष्ट्रभक्ति और संस्कृति का भी प्रतीक है।















