गोरखपुर को राष्ट्रीय जल पुरस्कार: राष्ट्रपति से सम्मान, सीएम योगी ने दी बधाई
गोरखपुर। गोरखपुर नगर निगम ने एक बार फिर इतिहास रचा। जल संचय जन भागीदारी अभियान (JSJB 1.0) में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2025 में देश में तीसरा और उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यह सम्मान महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल को प्रदान किया। पुरस्कार के साथ 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिली।
सम्मान लेने के बाद दोनों अधिकारियों ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। सीएम ने टीम को बधाई देते हुए गोरखपुरवासियों के लिए विशेष संदेश जारी किया। उन्होंने कहा, “गोरखपुर ने सिद्ध कर दिया कि जब जनता-प्रशासन एकजुट होते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है। ‘गोरखपुर मॉडल’ पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा है। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि इसी उत्साह से शहर को जल-सुरक्षित और स्वच्छ बनाते रहें।”
‘गोरखपुर मॉडल’ की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई। तकिया घाट पर स्थापित नेचुरल वॉटर फिल्ट्रेशन सिस्टम बिना रसायन के प्रदूषित रामगढ़ ताल के पानी को प्राकृतिक तरीके से शुद्ध करता है। वर्षा जल संचयन, तालाबों-कुओं की सफाई, नदी-नालों का पुनर्जीवन और जन भागीदारी से यह अभियान जन आंदोलन बन गया।
2 करोड़ की राशि से नए जल संरक्षण प्रोजेक्ट, अधिक तालाबों का जीर्णोद्धार और स्वच्छ जल व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि यह सम्मान 22 लाख गोरखपुरवासियों की जीत है। गोरखपुर अब सांस्कृतिक-शैक्षणिक के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का राष्ट्रीय मॉडल शहर बन चुका है।
यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी की दूरदर्शी पर्यावरण नीति का शानदार परिणाम है। गोरखपुर अब जल संरक्षण की मिसाल बनकर पूरे देश को रास्ता दिखा रहा है।















