बायोमेडिकल वेस्ट पर सख्ती: सीडीओ की चेतावनी, लापरवाही पर कार्रवाई तय
गोरखपुर। जिला गंगा समिति की समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शाश्वत त्रिपुरारी ने बायोमेडिकल कचरे के सुरक्षित निस्तारण पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में वन विभाग के डीएफओ विकास यादव, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, जल निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।
सीडीओ ने सभी सरकारी-निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम्स और क्लिनिकों को चेतावनी दी, “बायोमेडिकल वेस्ट का नियमों के अनुरूप निस्तारण सुनिश्चित करें। लापरवाही पर कठोर कार्रवाई होगी।” डीएफओ ने स्वास्थ्य संस्थानों की विस्तृत सूची तैयार करने के आदेश दिए, जिसमें शामिल होंगे—कचरा निस्तारण का तरीका, दैनिक मात्रा, एजेंसी का नाम, जांच स्थिति और सुधार की जरूरत।
बैठक में खुले में कूड़ा डंपिंग की शिकायतों पर भी चर्चा हुई। डीएफओ ने मौके पर जांच कर जिम्मेदारों पर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। नमामि गंगे परियोजना की प्रगति समीक्षा में नालों और अपशिष्ट जल निस्तारण योजनाओं की रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया।
सीडीओ ने गंगा-रामगंगा स्वच्छता कार्यक्रमों की साप्ताहिक रिपोर्ट अनिवार्य की। उन्होंने जोर दिया, “गंगा संरक्षण योजनाएं समयबद्ध पूरी हों, ताकि प्रदूषण नियंत्रण लक्ष्य हासिल हो।”
बैठक में पर्यावरण अधिकारी, नगर निगम, स्वास्थ्य, जल निगम और प्रदूषण बोर्ड के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सीडीओ ने कहा, “स्वच्छ गोरखपुर के लिए सभी मिलकर काम करें। लापरवाही बर्दाश्त नहीं।”
यह पहल पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करेगी















