छात्रवृत्ति में देरी नहीं: प्रमुख सचिव की सख्ती, 31 अक्टूबर तक हर हाल में ऑनलाइन आवेदन पूरा करें
गोरखपुर। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा ने बृहस्पतिवार को एनेक्सी सभागार में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने साफ निर्देश दिए, “31 अक्टूबर 2025 तक हर पात्र छात्र का ऑनलाइन आवेदन पूरा हो। लापरवाही पर संस्थान के खिलाफ कार्रवाई होगी।”
समीक्षा में गोरखपुर के 514 माध्यमिक विद्यालयों में से 385 ने डेटा अपलोड किया, करीब 29,000 छात्रों ने आवेदन किया। प्रमुख सचिव ने शेष विद्यालयों को तुरंत कार्य पूरा करने के आदेश दिए। सही आवेदनों की राशि 28 नवंबर 2025 को सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर होगी।
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखनाथ और आयुष विश्वविद्यालय सहित 159 कॉलेजों के छात्रों को भी लाभ मिलेगा। प्रमुख सचिव ने कहा, “सरकार पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और कमजोर वर्ग के शिक्षा अधिकारों के प्रति संवेदनशील है। कोई पात्र छात्र वंचित न रहे।”
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी है। विद्यालयों-कॉलेजों में हेल्प डेस्क स्थापित हैं। मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी ने विकास खंड स्तर पर मॉनिटरिंग सेल की जानकारी दी। डीआईओएस अमरकांत सिंह, समाज कल्याण अधिकारी बीएन सिंह और पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी श्रद्धा मिश्रा ने दिशा-निर्देश भेजने की पुष्टि की।
बैठक में सभी प्रधानाचार्य, प्राचार्य और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रमुख सचिव ने अंतिम चेतावनी दी, “लंबित आवेदन की जिम्मेदारी प्रधानाचार्य की होगी। शिक्षा हर छात्र का अधिकार है।”
यह पहल पात्र छात्रों को आर्थिक बाधा से मुक्त कर शिक्षा की मुख्यधारा में लाएगी।















