प्रो. यूपी सिंह पंचतत्व में विलीन, सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि, शिक्षा जगत में शोक
गोरखपुर। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष व पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. उदय प्रताप सिंह (यूपी सिंह) का शनिवार, 27 सितंबर 2025 को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। रविवार को राजेन्द्र नगर आवास पर अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर रखा गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
सुबह से जनसमूह उमड़ा, जिसमें एडीजी जोन, डीआईजी रेंज, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, एसएसपी, महापौर, सांसद, विधायक, एमएलसी, शिक्षक व शुभचिंतक शामिल थे। दोपहर में भव्य अंतिम यात्रा निकली। “प्रो. यूपी सिंह अमर रहें” के नारों से शहर गूंज उठा। राप्ती नदी के मुक्ति धाम पर बड़े पुत्र प्रो. वीके सिंह ने मुखाग्नि दी।
प्रशासन ने सुरक्षा व यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की। गाजीपुर निवासी (जन्म: 1 सितंबर 1933) प्रो. सिंह को गोरक्षपीठ के तीन पीठाधीश्वरों के सान्निध्य में कार्य करने का सौभाग्य मिला। गणित के विद्वान, गोरखपुर विश्वविद्यालय के आचार्य, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति, 2018 में परिषद अध्यक्ष व 2021 में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के प्रति कुलाधिपति रहे।
सीएम योगी ने कहा, “प्रो. सिंह ने शिक्षा में नए मानदंड स्थापित किए। उनका जीवन प्रेरणास्रोत है।” आरएसएस व विद्या भारती में उनके योगदान को भी याद किया गया। उनके छोटे पुत्र प्रो. राजीव कृष्ण सिंह भी शोक में हैं। प्रो. सिंह का योगदान शिक्षा जगत को हमेशा प्रेरित करेगा।















