समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश अभियान में महिला समूहों के साथ संवाद कार्यक्रम संपन्न, सुझावों का जुटाया जा रहा योगदान।
रायबरेली। ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ अभियान के तहत विकास खंड सभागार अमावां में शनिवार को महिला समूहों के साथ संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ। इस अभियान को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 सितंबर को लखनऊ में लॉन्च किया था, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘विकसित भारत @2047’ की परिकल्पना से प्रेरित है। इसका लक्ष्य 2047 तक उत्तर प्रदेश को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला विकसित राज्य बनाना है, जिसमें अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति की तीन थीम पर आधारित विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है
कार्यक्रम में जिलाधिकारी हर्षिता माथुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और प्रबुद्धजनों के बीच सार्थक संवाद हुआ। पांच सदस्यीय प्रबुद्धजन टीम वीरेंद्र कुमार (सेवानिवृत्त आईएएस), बी.आर. कुशवाहा (सेवानिवृत्त कर्नल), जितेंद्र कुमार सिंह (सेवानिवृत्त प्रोफेसर), कौशलेस कुमार सिंह (वरिष्ठ वैज्ञानिक) और शेखर अग्रवाल (सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता) ने ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा, वित्त पोषण, बैंक लिंकेज, कौशल एवं प्रशिक्षण पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने महिलाओं को जागरूक किया और अभियान की रूपरेखा, विगत 8 वर्षों की उपलब्धियों तथा भविष्य के रोडमैप पर विचार-विमर्श किया।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं रेखा, दीपांजली मौर्या, कमरून निशा, अखिलेश कुमारी, सीमा देवी और सिद्धदात्री ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। खंड विकास अधिकारी अमावां ने समूहों की प्रगति, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की रूपरेखा और आजीविका गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया। वीरेंद्र कुमार ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “जनपद के प्रत्येक घर से सुझाव लेकर सभी महिलाएं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।”
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को पोर्टल (samarthuttarpradesh.up.gov.in) और QR कोड के माध्यम से सुझाव प्रेषित करने का प्रशिक्षण दिया गया। बड़ी संख्या में प्रतिभागी महिलाओं ने ऑनलाइन सुझाव साझा किए। अब तक अभियान में 1 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों से 78,513 सुझाव शामिल हैं। यह अभियान कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, आईटी, अवस्थापना, पर्यटन, समाज कल्याण,। सुरक्षा और सुशासन जैसे 12 प्राथमिक क्षेत्रों पर केंद्रित है
कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार, उपायुक्त (श्रम रोजगार) प्रमोद कुमार चंद्रौल, उपायुक्त (स्वरोजगार) सविता सिंह, खंड विकास अधिकारी अमावां संदीप सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी जयपाल वर्मा, एडीएसटीओ महेंद्र सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। यह संवाद महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।















